रुद्रप्रयाग। नवासू में हरियाली जात में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। आयोजन समिति ने ध्याणियों को विश्ेाष रूप से सम्मानित किया।
ग्राम पंचायत नवासू, बंगोली और निषणी के संयुक्त सहयोग से आयोजित जात के छठे मुख्य अतिथि श्रीनगर गढ़वाल के व्यापार संघ के अध्यक्ष वासुदेव कंडारी ने देवी के दर्शन कर पूजन किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पौराणिक एवं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए सबको मिलकर कार्य करना होगा। कंडारी ने प्राचीन मठ-मंदिरों को तीर्थाटन से जोड़ने के लिए ठोस योजना बनाने की मांग भी की। इसके बाद महिला व युवक मंगल दल की ओर से मंदिर परिसर में कीर्तन-भजन का आयोजन किया गया। दोपहर 1.30 बजे से देव नृत्य में मां राजरजश्वरी, मां हरियाली, मां कालिंका सहित हीत, घंडियाल, नार्गजा, नृसिंह आदि देवता अपने पश्वाओं पर अवतरित हुए। इस दौरान देवी-देवताओं ने भक्तों को हल्दी-चावल का टीका लगाकर आशीर्वाद दिया।
आयोजन समिति के महामंत्री धीरेंद्र सिंह रौथाण व कोषाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह रौथाण ने बताया कि रविवार को परिसर में करीब 10 हजार श्रद्धालु मौजूद थे। इस मौके पर संरक्षक देवी प्रसाद बहुगुणा, प्रेम सिंह रौथाण, रवींद्र सिंह रौथाण, बलवंत सिंह रौथाण, बीरबल सिंह रौथाण, कमलेंद्र सिंह रौथाण, शांति प्रसाद बहुगुणा, बीएस रौथाण, विजय बहुगुणा सहित विभिन्न गांवों के कई लोग मौजूद थे।
मुसोली गांव के देवता भी हुए शामिल
हरियाली जात में चलणस्यूं पट्टी के ग्राम पंचायत मुसोली के देवता भी शामिल हुए। ढोल-दमाऊं की थाप पर देवी-देवता अपने पश्वाओं पर अवतरित हुए। इस दौरान मंदिर में महिला व युवक मंगल दल के कीर्तन-भजनों से पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।
101 ध्याणियों को किया सम्मानित
जात के सातवें दिन आयोजन समिति की ओर से 101 ध्याणियों को टीका के साथ विशेष भेंट अर्पित की गई। इससे पहले मंदिर में पहुंची ध्याणियों ने देवी को छत्र व घंटी आदि भेंट अर्पित कर घर-परिवार की सुख-समृद्धि की मनौती मांगी।