रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ-मद्महेश्वर ट्रैक पर पनपतिया में विगत 26 सितंबर से पड़े ट्रैकर के शव को लाने के लिए एसडीआरएफ का विशेष रेस्क्यू दल रवाना हुआ। दल को गुप्तकाशी से हेरीटेज कंपनी के हेलीकॉप्टर से सुजल सरोवर में ड्राप किया गया। दल पैदल पनपतिया के लिए रवाना हुआ। उम्मीद है कि अगले छह दिन में दल शव को लेकर पैदल रास्ते से मद्महेश्वर पहुंच जाएगा।
देहरादून से रुद्रप्रयाग पहुंचा एसडीआरएफ का 11 सदस्यीय पर्वतारोही दल मंगलवार सुबह गुप्तकाशी पहुंचा। यहां से प्रात: आठ बजे हेलीकॉप्टर द्वारा दो शट्ल में दल के सदस्यों को जोशीमठ से होकर सुजल सरोवर पहुंचाया गया। यहां से दल पनपतिया के लिए बढ़ गया, जो सरोवर से करीब आठ किमी दूर है। यहां चारों तरफ कई फीट बर्फ है। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि पर्वतारोही दल शव को पैदल मार्ग से मद्महेश्वर के रास्ते लाएगा। इसमें कम से कम छह दिन का समय लग सकता है। विदित हो कि विगत 17 सितंबर को बदरीनाथ के खिराव दर्रा से 13 सदस्यीय ट्रैकिंग दल बदरीनाथ-मद्महेश्वर ट्रैक पर पनपतिया के लिए रवाना हुआ था। पनपतिया में 26 सितंबर को दल में शामिल पश्चिम बंगाल निवासी व इंडियल ऑयल के सीनियर मैनेजर सुप्रियो बर्मन की मौत हो गई थी। इस दौरान दल के 3 ट्रैकर, एक गाइड और 5 पोर्टर भी वहां फंस गए थे, जो विगत 29 सितंबर को मद्महेश्वर पहुंचे और वहां से तीस सितंबर को जोशीमठ के रास्ते रुद्रप्रयाग। गत दो अक्तूबर को सभी अपने घरों को रवाना हो गए हैं।