रुद्रप्रयाग। जिला भेषज एवं सहकारी विकास संघ लिमिटेड की ओर से भटवाड़ी गांव में काश्तकारों को जड़ी-बूटी उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर काश्तकारों को बड़ी इलायची, रीठा, हरड़ व बेहड़ा की पौध भी बांटी गई।
प्रशिक्षण शिविर में भेषज संघ के सचिव व बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य वाचस्पति सेमवाल ने कहा कि जहां खेती को वन्य जीव चौपट कर रहे हैं वहां जड़ी-बूटी का उत्पादन कर समस्या से निजात पाई जा सकती है। उन्होंने काश्तकारों को अपनी आजीविका बढ़ाने के लिए घर के आसपास के खेतों में जड़ी-बूटी उत्पादन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आंवला, लेमन ग्रास, तेजपात आदि के कृषिकरण के बारे में भी बताया। सेमवाल ने ग्रामीणों को बताया कि इस वर्ष जिले के चार किसानों ने बड़ी इलायची के उत्पादन से 5 लाख तक की आय की है। यह ऐसा पौधा है जो 3 वर्ष में 30 गुना उत्पादन लाभ देता है। शिविर की अध्यक्षता करते हुए ग्राम प्रधान नौरती देवी ने काश्तकारों से भेषज संघ की योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। मास्टर ट्रेनर बीएस राणा ने काश्तकारों को जड़ी-बूटियों के रोपण व संरक्षण के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर प्रमोद यादव और वन पंचायत सरपंच इंदु देवी सहित गांव के 55 काश्तकारों ने प्रतिभाग किया।