रुद्रप्रयाग। डीएम मंगेश घिल्डियाल ने केदारनाथ-गौरीकुंड पैदल मार्ग का निरीक्षण कर सुधारीकरण कार्य की सुस्त गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने डीडीएमए (लोनिवि) को कार्य में तेजी लाने और लापरवाही पर ठेकेदार को हटाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने रुद्रा प्वाइंट से भैरव गदेरा तक चल रहे सुधारीकरण कार्य में पाया कि मात्र 20 मजदूर लगे हैं। जबकि यहां 600 मीटर कार्य और होना है। वहीं, छानी कैंप से लिनचोली तक कार्य की गति सुस्त होने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने ठेकेदार को तीन दिन में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यदायी संस्था डीडीएम (लोनिवि) के कनिष्ठ अभियंताओं को कार्यस्थल पर तैनात होने को कहा। अगर, किसी जेई के बारे में मौके पर नहीं होने की शिकायत मिली तो उसे तत्काल निलंबित कर दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने मेडिकल प्वाइंट का निरीक्षण भी किया। साथ ही मार्ग के किनारे खाली स्थानों पर दुकान बनाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान ऊर्जा निगम को विद्युत लाइन अंडरग्राउंड करने के बाद रास्ते की मरम्मत करने को कहा। इसके बाद उन्होंने गुप्तकाशी में अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा तैयारियों और पुनर्निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने को लेकर चर्चा की।