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विधायक मनोज रावत ने बडेथ गांव में लगाई पत्थर तराशने की मशीन

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ के विधायक मनोज रावत ने स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बडेथ में पत्थर तराशने वाली मशीन स्थापित की है। उन्होंने क्षेत्र के गांवों के युवाओं की टीम तैयार कर उन्हें पहाड़ी शैली के पत्थर तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। ये पत्थर केदारनाथ धाम को संवारने में उपयोग किए जाएंगे।
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केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने विस क्षेत्र क्यार्क, जोला, तालजामण, डांगी, अरखुण्ड आदि गांवों के कारीगरों का समूह गठित किया है। साथ ही बडेथ गांव में विधायक निधि से पत्थर काटने मशीन स्थापित कर उन्हें पूरी जिम्मेदारी सौंप दी है। इन युवाओं को सिखाने के लिए उन्होंने स्थानीय व चंडीगढ़ में रह रहे पत्थर कार्य के पारंगत जगदीश रावत को भी बुला लिया है। बीते एक पखवाड़े से रावत के नेतृत्व में 12 स्थानीय कारीगर मशीन से पत्थरों को तराश कर उन्हें कटवा रूप दे रहे हैं। बता दें कि जनपद रुद्रप्रयाग के बच्छणस्यूं, धनपुर, तल्लानागपुर, बसुकेदार क्षेत्र में पत्थरों की प्राचीन खान (भंडार) आज भी मौजूद हैं। गांव में दशकों पूर्व बने आवासीय भवनों के छत व आंगन में लगी पठालें इन खानों से तैयार की गई हैं। इधर, विधायक रावत का कहना है कि प्रदेश सरकार राजस्थान और हिमाचल के कारीगरों से मंदाकिनी व सरस्वती नदी के बोल्डर से कटवा पत्थर तैयार कर रही है। जबकि केदारघाटी में मजबूत पत्थरों की भरमार है और यहां कारीगर पहाड़ी शैली के पत्थर बनाने में पारंगत है। उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा तैयार किए जा रहे पत्थरों का अधिकाधिक उपयोग केदारनाथ में हो, इसके लिए उत्तराखंड शासन को पत्र भेजा गया है। वहीं डीएम मंगेश घिल्डियाल ने केदारनाथ पुनर्निर्माण के लिए कटवा पत्थरों को जरूरत को पूरा करने के लिए देश के अन्य राज्यों के कुशल कारीगरों को धाम आने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि वे यहां के स्थानीय बोल्डर व पत्थरों से कटवा पत्थर तैयार करें।
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