फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वर्षो से अधर में लटकी पड़ी जलनिगम की करोड़ों की योजनाएं

विज्ञापन
विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। सरकारी सिस्टम की उदासीनता के कारण आपदा प्रभावित जनपद में वर्षों पूर्व स्वीकृत करोड़ों की लागत की पेयजल व पंपिंग योजनाएं अधर में हैं। ऐसे में जिले की करीब 45 फीसदी आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है, लेकिन सुध लेने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन

जनपद में बजट व जलनिगम में इंजीनियर्स की कमी से 15 योजनाएं वर्षों से लटकी पड़ी हैं। करोड़ों की लागत से आधी-अधूरी बनी इन योजनाओं के पूरा नहीं होने से जिले की करीब 45 फीसदी आबादी पेयजल संकट से जूझ रही है। नगरासू व अगस्त्यमुनि पपिंग योजना का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। जबकि गुप्तकाशी योजना के लिए अभी सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है। जिला मुख्यालय की 12 हजार से अधिक आबादी के लिए रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र के लिए पंपिंग योजना के लिए 2014 में सर्वेक्षण कर 191.08 लाख का इस्टीमेट भी तैयार किया जा चुका है, लेकिन चार वर्ष बीत जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो पाई है। उधर, ऊखीमठ और लश्तर पेयजल योजनाएं भी लटकी हुई है। अधिकारियों की मानें तो योजनाओं के प्रस्तावों में बार-बार फेरबदल से निर्माण में देरी के साथ बजट भी बढ़ रहा है।
बजट और सक्षम अधिकारियों की कमी से महत्वपूर्ण योजनाओं का निर्माण व मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। जनपद में मात्र तीन इंजीनियर्स हैं। इनमें से एक महिला हैं। ऐसे योजनाओं का निर्माण के साथ प्रस्ताव भी नहीं बन रहे हैं।
विज्ञापन

-- नवल कुमार यादव, ईई जलनिगम रुद्रप्रयाग

केस एक --
वर्ष 2005-06 में जखोली ब्लाक के भरदार क्षेत्र के 18 ग्राम पंचायतों के करीब 50 गांवों के लिए जवाड़ी-रौठिया पेयजल योजना स्वीकृत की गई थी, लेकिन 12 वर्ष बाद भी योजना पूरी नहीं हो पाई है। योजना पर 12 करोड़ 94 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं।
केस दो --
वर्ष 2006-07 में जखोली ब्लाक के सिलगढ़ क्षेत्र के 12 से अधिक ग्राम पंचायतों के लिए 9 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए, लेकिन धनराशि खर्च होने के बाद भी योजना का कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें