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सड़क सुधार के नाम पर लाखों ठिकाने लगाने का हो रहा काम

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रुद्रप्रयाग। सड़क सुधार के नाम पर कार्यदायी संस्थाएं सरकारी धन को ठिकाने लगाती रही। गुप्तकाशी-मयाली मोटर मार्ग पर जगह-जगह बने पैच को भरने के लिए पत्थरों का भरान कर उसमें कोलतार बिछाने के बजाय मात्र पुताई की जा रही है। यह पत्थर कुछ ही देर में उखड़ रहे हैं।
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केदारनाथ यात्रा के वैकल्पिक मोटर मार्ग के साथ ही केदारघाटी और जखोली ब्लाक के 65 फीसदी गांवों की लाइफ लाइन कहा जाने वाले मयाली-गुप्तकाशी मोटर मार्ग बदहाल बना हुआ है। जून 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद राहत, बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले इस मोटर मार्ग की साढ़े चार वर्षों से सुध नहीं ली है। बीते वर्षों में बरसात से मार्ग जगह-जगह पर बदहाल हो चुका है। टूटे व धंसे पुश्तों के साथ ही अधिकांश मार्ग पर उखड़े डामर से बने गड्डे कभी भी किसी हादसे का कारण बन सकते हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग द्वारा सुधार के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। इन दिनों मार्ग पर गड्डों का भरान कर पैच ठीक किए जा रहे हैं, लेकिन पूरा कार्य गुणवत्ताविहीन है। रोड़ी व गिट्टी के बजाय विभाग बडे़-बड़े पत्थरों को बिछाकर उसके ऊपर कोलतार की लीपापोती की जा रही है। बड़मा क्षेत्र में चारी गदेरा के समीप भूस्खलन जोन सबसे संवेदनशील है, लेकिन यहां पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। वहीं, स्याली, जखोली, चौकी, उतर्सू में मार्ग की स्थिति काफी दयनीय है। बड़मा विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष कालीचरण रावत, सुखदेव रावत, रमेश मैठाणी आदि का कहना है कि मार्ग पर लोनिवि की ओर से पूर्व में भी घटिया डामर किया गया। उन्होंने डीएम से मार्ग का निरीक्षण करने की मांग की है। इधर, लोनिवि प्रांतीय खंड लोक रुद्रप्रयाग के सहायक अभियंता अर्जुन सिंह पंवार ने बताया कि मार्ग के 40 किमी हिस्से में 25 लाख रुपये में पैच भरने का कार्य किया जा रहा है। कुछ जगहों पर दिक्कतें हो रही हैं, जिन्हें दूसरे चरण में पूरी तरह से ठीक किया जाएगा।
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