रुद्रप्रयाग। अब, जिला चिकित्सालय में आने वाले गंभीर रोगियों व घायलों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल में शासन की ओर से छह बेड की आईसीयू यूनिट स्थापित की जाएगी। यूनिट के लिए अस्पताल प्रबंधन ने 1 करोड़ 20 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आपात चिकित्सा वार्ड के लिए प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वार्ड के लिए जरूरी चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की सूची भी निदेशालय को भेज दी गई है।
रुद्रप्रयाग जिला गठन के बीस वर्ष बाद अस्पताल में आपात चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है। इस सुविधा से जिले के जरूरतमंदों को लाभ मिलेगा, वहीं सड़क दुर्घटनाओं के घायलों को रेफर नहीं करना पड़ेगा। जिला अस्पताल ने आईसीयू यूनिट स्थापित करने के लिए अपने स्तर से कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्य भवन के तीसरे माले पर कक्ष संख्या 57 को आईसीयू यूनिट के लिए चयनित किया गया है। अभी तक यहां आईसीयू सुविधा के अभाव में जिला चिकित्सालय में आने वाले गंभीर रोगियों व दुर्घटना के घायलों को प्रारंभिक उपचार के बाद सीधे हायर सेंटर रेफर किया जाता है। सीएमएस डीसी सेमवाल का कहना है कि उम्मीद है कि अगले डेढ़ माह में आईसीयू यूनिट का संचालन शुरू हो जाएगा। प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई शुरू करते हुए जरूरी उपकरण के लिए बजट और स्टाफ का प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिया गया है।