रुद्रप्रयाग। यूथ फाउंडेशन के श्रीनगर व देहरादून कैंप में सेना भर्ती का प्रशिक्षण ले चुकी बेटियां अब केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण कार्यों में अहम भूमिका निभाएंगी। फाउंडेशन द्वारा चयन प्रक्रिया के तहत पहले चरण में 10 युवतियों को केदारनाथ धाम भेजा जाएगा, जोकि धाम में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के साथ पुनर्निर्माण कार्यों में सहयोग करेंगी। साथ ही मेस कमांडर और स्टोर कीपर की भूमिका भी निभाएंगी। इन कार्यों का इन्हें प्रतिमाह 15 से 18 हजार रुपये मानदेय भी मिलेगा।
जून 2013 की आपदा में व्यापक रूप से प्रभावित हुए केदारनाथ धाम को संवारने में जहां कर्नल अजय कोठियाल के नेतृत्व में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान अहम भूमिका निभा रहा है। वहीं, अब, कर्नल के यूथ फाउंडेशन में सेना भर्ती का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी बेटियां भी बाबा केदार की नगरी को संवारने का काम करेगी। श्रीनगर व देहरादून कैंपों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी 550 बेटियों में से चयनित को एक कर्मचारी के तौर पर केदारनाथ भेजा जाएगा। वह यहां सरस्वती नदी पर निर्माणाधीन पुल की पेंटिंग करेंगी। साथ ही रोडी, बजरी, सिमेंट का मिक्चर बनाने वाली अकोना मशीन, टाइल्स/ब्लॉक बनाने वाली मशीन की ऑपरेटिंग के साथ जेसीबी, ट्रैक्टर व अन्य उपकरणों के संचालन का कार्य भी करेगी। पुनर्निर्माण के तहत बनाए जा रहे तीर्थ पुरोहितों के भवनों के खिड़की, दरवाजों पर प्राइमर लगाने, शटरिंग प्लेट की ऑयलिंग, जाल बुनना, सरिया काटना व बांधना, वेल्डिंग सहित अन्य कार्य भी इनके द्वारा किए जाएंगे। निम के हवलदार मनोज सेमवाल ने बताया कि सेना भर्ती का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी बेटियों को धाम पहुंच रहे श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं व बच्चों की मदद के लिए भी उन्हें तैयार किया जाएगा। आगामी यात्रा में कपाट खुलने के दिन से ही सेना भर्ती प्रशिक्षण लेने वाली बेटियों को केदारनाथ में तैनात किया जाएगा।
क्वाटर मास्टर की भूमिका भी निभाएंगी
प्रशिक्षित युवतियां केदारनाथ में क्वाटर मास्टर और मेस कमांडर की भूमिका में भी नजर आएंगी। यह जिम्मेदारी दिन या सप्ताह के आधार पर होगी। इस दौरान क्वाटर मास्टर/मेस कमांडर को राशन, सब्जी सहित अन्य जरूरी व्यवस्था, मजदूरों की नियमित जानकारी, खाने में क्या बनेगा आदि सभी जानकारी संग्रहित कर प्रतिदिन प्रभारी को रिपोर्ट प्रेषित करनी होगी।
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सेना भर्ती का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी बेटियों को रोजगार मुहैया कराने और उन्हें विषम भौगोलिक हालातों में कार्य करने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। अभी ट्रायल के तौर पर 10 बेटियों को केदारनाथ भेजा जा रहा है। बेटियां, अपनी मेहनत, प्रतिभा और कौशल से देश, दुनिया में अपना नया मुकाम बनाएंगी।
-- कर्नल अजय कोठियाल, संस्थापक यूथ फाउंडेशन