रुद्रप्रयाग। जनपद में पुनर्निर्माण कार्यों सहित तमाम विकास योजनाओं का क्रियान्यवन जिला विकास प्राधिकरण के दिशा-निर्देशन में होगा। राजमार्ग से दो सौ मीटर रेंज में निजी निर्माण के लिए भी प्राधिकरण से अनुमति लेनी होगी। रुद्रप्रयाग में विकास प्राधिकरण का मुख्यालय और ऊखीमठ में क्षेत्रीय कार्यालय का संचालन शुरू हो गया है। दोनों कार्यालयों के लिए पद सृजित कर जल्द उन पर तैनाती होगी। जिला विकास प्राधिकरण के लिए कमिश्नर अध्यक्ष और डीएम उपाध्यक्ष नामित किए गए हैं। वहीं, क्षेत्रीय कार्यालय में संबंधित एसडीएम संयुक्त सचिव होंगे।
उत्तराखंड आवास नीति 2017 के अनुपालन में सभी 13 जनपदों में जिला विकास प्राधिकरण गठित किए गए हैं। इस व्यवस्था के तहत अब, जिलों में जिला व तहसील मुख्यालयों, नगरों व कस्बों में सुनियोजित योजना के तहत विकास कार्यों का क्रियान्वयन करना है। इन सभी जगहों पर बरसाती जल संग्रहण, साफ-सफाई, पैदल मार्गों का निर्माण, प्रकाश व्यवस्था सहित भवनों का निर्माण नक्शे के अनुसार होगा। साथ ही आर्थिक, स्वास्थ्य, शिक्षा व सामाजिक सुविधाओं कीी संभावनाओं को विकसित किया जाएगा। यहीं नहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद प्रत्येक परिवार को आवास उपलब्ध कराया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे कस्बों में निवास करने वाले लोगों को अपने निजी निर्माण व पुनर्निर्माण के लिए भी प्राधिकरण से अनुमति लेनी होगी। इस संबंध में अभी तक रुद्रप्रयाग में 25 शिकायतें भी प्राप्त हो चुकी है।
जिला विकास प्राधिकरण में होंगे 24 पद
जिला विकास प्राधिकरण के लिए पांच अनुभाग के तहत 24 पद सृजित किए गए हैं। इनमें कमिश्नर अध्यक्ष व डीएम उपाध्यक्ष होंगे। नायब तहसीलदार, लेखपाल, सहायक लेखाकार, कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक, बहुउद्देश्यीय कार्मिक, सहायक नगर नियोजक, सहायक वास्तुविद, मानचित्रकार, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, तकनीकी विशेषज्ञ, सुपरवाइजर और विधि सहायक के पद भी सृजित किए गए हैं। क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण कार्यालय में भी संयुक्त सचिव, लेखपाल, सहायक लेखाकार, डाटा एंट्री ऑपरेटर, जेई व सुपरवाइजर के पद सृजित किए गए हैं।