रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में मौसम साफ रहा और दिनभर चटक धूप खिली रही। धाम में अधिकतम तापमान 10.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम माइनस 11 डिग्री सेल्सियस रहा। यहां साढ़े सात से आठ फीट बर्फ मौजूद है। जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों में भी मौसम सुहावना रहा।
सोमवार को सुबह से आसमान साफ रहा। इस दौरान धाम में चटक धूप खिली रही, जिससे शीत लहर का प्रकोप बीते दिनों की अपेक्षा कम रहा। कार्यदायी संस्था वुड स्टोन के टीम प्रभारी कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि अगर, दो दिनों तक मौसम साफ रहा तो, पुनर्निर्माण कार्य पुन: शुरू करने का प्रयास किया जाएगा। बताया कि मंदिर की छत पर दो फीट बर्फ की परत जमी हुई है। अन्य भवनों की भी यही स्थिति है। परिसर सहित मंदिर मार्ग, हेलीपैड सहित रुद्रप्रयाग प्वाइंट तक साढ़े सात से 8 फीट तक बर्फ है। आठ दिन से बिजली, पानी और संचार सेवा ठप पड़ी है। बिजली के अभाव में निर्माणाधीन आवासीय भवनों के अंदर के कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। धाम में मौजूद मजदूर बर्फ पिघलाकर पानी उपयोग में ला रहे है। इधर, जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग सहित निचले इलाकों के अलावा जनपद के बर्फ प्रभावित ऊंचाई वाले गांवों में भी मौसम दिनभर सुहावना है। यहां चटक धूप खिली रही, जिस पर गांवों में लोगों ने राहत की सांस ली। अभी भी यहां स्थिति सुधरी नहीं हैं। त्रियुगीनारायण, तोषी, गौंडार, चौमासी, चिलौंड, पेंज, करोखी, मक्कू सहित अन्य प्रभावित गांवों के पैदल मार्गों के बाधित होने के साथ ही बिजली, पानी, संचार सेवा अब भी बदहाल है। दूसरी तरफ जनपद में मयाली-घनसाली, सोनप्रयाग-त्रियुगीनारायण, पलद्वाड़ी-मक्कूमठ, कोट-बधाणीताल, बांसवाड़ा-मोहनखाल और रुद्रप्रयाग-पोखरी संपर्क मोटर मार्ग कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर हाईवे अब भी बंद पड़े हुए हैं।