रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसेक) के निदेशक एमपीएस बिष्ट व डीएम ने स्यूपुरी-सतेराखाल गांव पहुंचकर स्व. धन सिंह बर्त्वाल द्वारा 137 वर्ष पूर्व लिखित श्रीबदरीनाथ की आरती व अन्य पांडुलिपियों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि, इस दुर्लभ धरोहर का संरक्षण जरूरी है। डीएम ने बताया कि पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्रालय की टीम गांव आकर पांडुलिपियों का निरीक्षण करेगी।
मंगलवार को यूसेक के निदेशक और डीएम मंगेश घिल्डियाल महेंद्र सिंह बर्त्वाल (स्व. धन सिंह के परपोते) के आवास पर गए और स्व. धन सिंह बर्त्वाल द्वारा लिखित बदरीनाथ की आरती व अन्य पाडुलिपियों को देखा। डीएम ने बताया कि बदरीनाथ आरती को लेकर किया जा रहा परिजनों का दावा है कि यह एक शोध का विषय है, जिस पर शासन स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। बताया कि उन्होंने पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व सचिव को इस संबंध में अवगत कराया है। सचिव द्वारा जल्द एक टीम स्यूपुरी गांव भेजने की बात कही गई है। बता दें कि स्थानीय निवासी व शिक्षा विभाग में कार्यरत महेंद्र सिंह बर्त्वाल दावा करते आ रहे हैं कि श्रीबदरीनाथ धाम की आरती उनके परदादा स्व. धन सिंह बर्त्वाल द्वारा रचित है। इस पाण्डुलिपि में दर्ज आरती व वर्तमान में गाई जाने वाली आरती में पूरी समानता है। सिर्फ अंतर यह है कि पाण्डुलिपि में ग्यारह पदों की आरती है। जबकि वर्तमान आरती में सात ही पद हैं।