रुद्रप्रयाग। तल्लानागपुर विकास कृषि एवं पर्यटन मेले के दूसरे दिन कवियों की कविताओं और महिला मंगल दलों के लोकनृत्यों ने समा बांधा। दर्शकों ने सभी की प्रस्तुतियों को खूब सराहा।
चोपता-चांधधार में आयोजित मेले के दूसरे दिन कार्यक्रमों का शुभारंभ एसबीआई के शाखा प्रबंधक किशोर कुमार घोष ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मेलों के जरिए लोग आपस में जुड़ते है। जबकि विशिष्ट अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. संजय सचान ने स्थानीय मेलों को रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया। इसके बाद कलश संस्था के कवि सम्मेलन में संचालक ओपी सेमवाल ने चुनौ की घडयलि मा चकडूतों न भोला कर्यु च त्यार.. कविता के माध्यम से चुनावी माहौल की सरगर्मियों को उजागर किया। अश्विनी गौड ने सैंणा गुंगडा बांजा पड्या, कुठार रीता होयां, कविता के माध्यम से पलायन से गांवों की स्थिति को बया किया। जबकि लोक कवि मुरली दीवान ने यखुली न पैटि भोल, दगड़ा मां तु भादु ल्हिेजै..कविता से सहभागिता पर जोर दिया। वहीं जगदंबा चमोला ने यति बी क्या जरा भ्वीं खुट्टा ट्यौ दूं, द्वी स्यौर आटु कै कु निं होंद घोर मां, कविता से समाज में कम हो रहे आपसी प्रेम पर प्रकाश डाला। इसके अलावा तेजपाल सिंह रावत ने बडी-बड़ी शख्सियतों दगड़ि मुलाकात ह्वेगी आज मेरी, विक्रम कप्रवाण ने कांधी मां बंदुकि छिन, अनूप नेगी ने जै कु नाम स्यौद काटी-काटी हाथ बडि, ललित गुसाई ने एंच वलै किरपा ह्वै, अनीता मेवाल ने नारी का परिपेक्ष्य मा ज्यादा क्या लेखी, कविता का पाठ किया। महोत्सव में महिला मंगल दल बजूण, स्वारी, ग्वांस, मलाऊं, चोपता ने थड्या, चौंफला, झूमेलों आदि लोक नृत्यों पर आधारित प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर लक्ष्मण सिंह बवाल, एलएस नेगी, महेंद्र सिंह नेगी, दीप राणा, ग्राम प्रधान कमला देवी, शिवराज सिंह नेगी, सतवीर जग्गी, मनीष मेवाल, भूपेंद्र सिंह, हरीश वशिष्ठ सहित अन्य लोग मौजूद थे।