हर शिक्षण सत्र में कम हो रही छात्र संख्या के कारण कई सरकारी स्कूलों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। जिले में 68 प्राथमिक स्कूलों के अलावा 10 जूनियर हाईस्कूलों में वर्तमान सत्र में 10 से कम छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। ऐसे में इन विद्यालयों को आगामी सत्र में बंद किया जा सकता है। शासन से ऐसे विद्यालयों के बारे में जानकारी मांगी जा रही है।
जिले में 126 जूनियर हाईस्कूल हैं। वर्तमान सत्र में यहां 3,389 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं। यह संख्या बीते सत्र की तुलना में 284 कम हैं। वर्तमान सत्र में जूनियर हाईस्कूल भेलुंता में सिर्फ एक छात्र पंजीकृत है। वहीं सकलाना, खरियाल, स्यूंणी में क्रमश: 5-5 व 3 बच्चे हैं। 10 से 20 के बीच छात्र संख्या वाले विद्यालय 23 हैं। जूनियर हाईस्कूल तुंगेश्वर-चोपता ही ऐसा एकमात्र विद्यालय है जहां इस सत्र में सर्वाधिक 22 बच्चे पंजीकृत हैं। दूसरी बड़ी छात्र संख्या वाले विद्यालय जूनियर हाईस्कूृल कोटी, सिल्ला, तुनेटा, पाट्यू और डांगी हैं, जहां 62 से 69 के बीच बच्चे हैं। बीते पांच वर्षों में कम छात्र संख्या के चलते जूनियर हाईस्कूल गौरीकुंड, सिमतोली कांडा और भटवाड़ीसैंण बंद हो चुके हैं। दूसरी तरफ माध्यमिक स्तर पर भी 20 से अधिक विद्यालय ऐसे हैं, जहां जूनियर कक्षाओं में 1 से 20 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
कोट-
सरकारी स्तर पर जूनियर हाईस्कूलों में 10 से कम छात्र संख्या गंभीर विषय है। इस संबंध में शासन स्तर पर जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई होगी। जागरूकता और बेहतर संसाधनों के जरिये सबके सहयोग से इस समस्या से निपटा जा सकता है।- सुभाष चंद्र भट्ट, मुख्य शिक्षाधिकारी रुद्रप्रयाग