आपदा के शिकार अन्य राज्यों के मृतकों और लापता लोगों के परिजनों को मुआवजा देने को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने बताया कि हर मृतक और लापता व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री राहत कोष से दो लाख और राष्ट्रीय प्राकृतिक आपदा निधि से डेढ़ लाख रुपये दिए जाने हैं।
यह धनराशि हर लापता व्यक्ति के परिजन को मिलेगी। इसमें स्थानीय या बाहरी का कोई मतलब नहीं।
उत्तराखंड सरकार पहले ही कह चुकी है कि 15 जुलाई तक आपदा में लापता सभी लोगों को मृत मानकर, इसके बाद मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
लापता लोगों के परिजनों से एक शपथपत्र लेकर तय राशि मुहैया कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। शपथपत्र सरकार खुद बनाकर देगी। किसी लापता के लौट आने पर परिजनों को यह राशि लौटानी होगी।
उल्लेखनीय है कि सभी राज्य अपने-अपने यहां के लापता लोगों की सूची अब भी अपडेट कर रहे हैं। यह सूची फाइनल होते ही केंद्र और सभी राज्यों को भेज दी जाएगी।
मुख्यमंत्री बहुगुणा ने बताया कि केंद्र से मिलने वाली इस धनराशि (साढ़े तीन लाख) के अलावा उत्तराखंड सरकार प्रदेश के प्रभावितों को अलग से डेढ़ लाख रुपये भी देगी।
कहा कि, यदि चाहें तो अन्य राज्य सरकारें भी केंद्र से मिलने वाली धनराशि में अपनी तरफ से बढ़ोतरी कर सकती हैं। जल्द ही उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री से होगी। उनके साथ बातचीत में काफी कुछ तय होना है।
हम यही आग्रह करेंगे कि अन्य प्रदेशों के मृतकों और लापता लोगों की मुआवजा राशि एक मुकम्मल सूची मिलने के बाद संबंधित राज्यों को ट्रांसफर कर दिए जाएं, ताकि प्रक्रिया लंबी न हो।