उत्तराखंड शासन की हीलाहवाली जैन समाज के लाखों लोगों पर भारी पड़ी। समाज के लोगों ने 20 अप्रैल की जगह 19 अप्रैल को भगवान महावीर जयंती मनाने का निर्णय ले लिया था। इससे शासन को भी अवगत कराया।
इसके बावजूद उत्तराखंड शासन ने शासनादेश में संशोधन नहीं किया। जबकि उत्तर प्रदेश ने दो दिन पहले संशोधित शासनादेश जारी कर दिया था। महावीर जयंती प्रत्येक वर्ष 19 अप्रैल को मनाई जाती है। इसी दिन स्कूलों और सरकारी दफ्तरों में छुट्टी होती है। लेकिन इस बार तिथि को लेकर हुए असमंजस के कारण शासन ने 20 अप्रैल को महावीर जयंती अवकाश घोषित किया था।
करीब एक माह पहले यूपी और उत्तराखंड सहित अन्य स्थानों पर जैन समाज की ओर से 19 अप्रैल को महावीर जयंती मनाने का निर्णय ले लिया था। उत्तराखंड शासन को भी समाज के लोगों ने इससे अवगत करा दिया था। इसके बावजूद उत्तराखंड शासन ने पूर्व में जारी 20 अप्रैल को महावीर जयंती अवकाश संबंधी शासनादेश संशोधित नहीं किया।
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में भी पहले 20 अप्रैल को महावीर जयंती अवकाश घोषित किया था। लेकिन दो दिन पहले उत्तर प्रदेश शासन ने इसका संज्ञान लेते हुए 19 अप्रैल को अवकाश का संशोधित शासनादेश जारी कर दिया था। उत्तराखंड में शासनादेश संशोधित न होने के कारण समाज के लोगों में आक्रोश है।
उनका कहना है कि एक माह पहले यह तय कर लिया था कि महावीर जयंती 19 अप्रैल को मनाई जाएगी। इसके बावजूद उत्तराखंड शासन ने संशोधित शासनादेश जारी नहीं किया। जबकि यूपी शासन ने संशोधित शासनादेश जारी किया।
तिथि को लेकर हुए असमंजस के कारण पहले 20 अप्रैल को महावीर जयंती मनाई जानी थी। लेकिन बाद में जैन समाज ने 19 अप्रैल को जयंती मनाने का निर्णय लिया था। इस संबंध में करीब 20 दिन पहले शासन को जानकारी भी हो गई थी। इसके बावजूद शासनादेश को संशोधित नहीं किया गया। इससे बड़ी संख्या में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
- साधुराम जैन, अध्यक्ष दिगंबर जैन समाज, रुड़की
शासन की ओर से जारी शासनादेश में 20 अप्रैल को महावीर जयंती अवकाश घोषित किया है। यही कारण है कि मंगलवार को सरकारी स्कूल और दफ्तर खुले रहे। इस संबंध में स्थानीय स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता है।
- मंगेश घिल्डियाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की