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आधी आबादी के लिए नजीर बनीं पानीपत की शाइन

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रुड़की। ‘कौन कहता है कि आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों’, कवि दुष्यंत कुमार की ये पंक्तियां पानीपत निवासी शाइन पर चरितार्थ होती हैं। शहर की गलियों में जब वह ई रिक्शा लेकर निकलती हैं तो लोग भी उनके जज्बे को सलाम करते हैं। पति की मौत के बाद परिवार को पालने के लिए ई रिक्शा चलाने वाली शाइन महिलाओं के लिए नजीर बन गई हैं। क्षेत्र में पहली महिला चालक को शाइन को रिक्शा चलाते देख पुरुष चालक भी उनके जज्बे को सलाम करते हैं।
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मूल रूप से हरियाणा के पानीपत के मोहल्ला इमाम साहब निवासी 45 वर्षीय शाइन के पति की करीब छह साल पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई थी। शाइन का एक बेटा और दो बेटियां हैं। पति की मौत के बाद उनके सामने परिवार चलाने की पहाड़ सी चुनौती थी। बच्चे छोटे होने के कारण सारी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। बकौल, शाइन उन्होंने पहले पानीपत में रहकर मजदूरी की, लेकिन घर चलाना मुश्किल था। इस पर उन्होंने ई रिक्शा चलाने की ठानी। पहले किराये पर ई रिक्शा ली और पानीपत में ही चलाना शुरू किया। शाइन बताती हैं कि पहले तो रिक्शा चलाते थोड़ी हिचक लगी और लोगों ने मजाक भी बनाया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बाद में धीरे-धीरे लोगों ने मजाक बनाना छोड़ दिया। अब वह पिरान कलियर में किराये का मकान लेकर बच्चों के साथ रह रही हैं। अब उन्होंने अपना रिक्शा खरीद लिया है। करीब दो महीने पहले वह पानीपत से यहां आई थीं। तभी से वह कलियर और रुड़की में ई रिक्शा चलाकर अपने बच्चों को को पाल रही हैं। शाइन बताती हैं कि रुड़की और पिरान कलियर में भी ई रिक्शा चलाते देख लोगों ने मजाक बनाया, लेकिन अब ऐसा नहीं है। कोई भी काम छोटा और बड़ा नहीं होता है। बस उसे दिल और पूरी ईमानदारी से किया जाना चाहिए।
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किश्त पर लिया था ई रिक्शा
शाइन बताती हैं कि पति की मौत के बाद रिक्शा खरीदने के पैसे नहीं थे। पहले किराये पर लेकर रिक्शा चलाया। इसके बाद किश्तों पर अपना ई रिक्शा खरीदा। अब उन्होंने रिक्शा चलाकर पूरी किश्त अदा कर दी है। वह बताती हैं कि उनका बेटा 15 साल का है और दो छोटी बेटियां हैं। बेटियां पढ़ाई कर रही हैं और बेटा मैकेनिक का काम सीख रहा है।
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...और रुक जाती हैं महिलाएं
शाइन को शहर और कलियर की गलियों में ई रिक्शा चलाते देख बाजार आने वाली महिलाएं रुक जाती हैं। शाइन बताती हैं कि कई महिलाओं ने उनसे पूछा है कि वह कैसे ई रिक्शा चला लेती हैं। उन्हें रात को डर नहीं लगता है। इस पर वह कहती हैं कि रात में सुरक्षा के लिए पुलिस है और साथी ई रिक्शा चालक हैं। आज तक उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई।
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