फलों और सब्जियों के दामों में अचानक आई तेजी ने त्योहारी सीजन में आम लोगों को महंगाई का डबल डोज दे दिया है। खाद्य पदार्थों, पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों से पहले ही परेशान लोगों के लिए त्योहार मनाना मुश्किल हो गया है। फल, सब्जी और खजूर के दामों में आई तेजी ने रोजेदार और व्रतधारी दोनों की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।
कुछ महीनों से लगातार बढ़ रही महंगाई से आम लोगों की आर्थिक स्थिति बिगड़ने लगी है। पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दामों के बीच गैस सिलिंडर भी महंगा हो गया है। पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों का असर ट्रांसपोर्ट पर पड़ रहा है। इससे खासकर खाद्य पदार्थों, फलों और सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं। इससे लोगों का घर चलाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, अब नवरात्र और रमजान एक साथ पड़ने से महंगाई की दोहरी मार पड़ी है। फलों के दामों में 10 से करीब 30 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है।
बोलीं गृहिणियां
बढ़ती महंगाई में घर चलाना मुश्किल हो गया है। जो सामान पहले 40 से 50 रुपये किलो आ जाता था, वह अब 70 से 80 रुपये तक पहुंच गया है। इस प्रतिशत में आय के साधनों में बढ़ोतरी नहीं हुई है।
-सरोज देवी, गृहिणी
रसोई गैस की कीमतों के बढ़ने के बाद दाल, चावल, आटा, तेल, रिफाइंड के दामों में बढ़ोतरी हुई है। इससे रसोई में खाने-पीने के सामान में जबरन कटौती करनी पड़ रही है।
-राजबाला, गृहिणी
बोले रोजेदार
साल में एक बार रमजान का महीना आता है। हर बार रोजे भी रखते हैं लेकिन इस बार महंगाई इस कदर बढ़ रही है कि खाद्य पदार्थ खरीदना मुश्किल हो रहा है। इफ्तारी के सामान के भी भारी रेट बढ़ गए हैं।
-वाजिद
जिस स्तर पर महंगाई बढ़ रही है त्योहार मनाने मुश्किल हो जाएंगे। रमजान शुरू होते ही खजूर से लेकर मेवे आदि के दामों में भारी इजाफा हुआ है। इस स्तर पर कमाई में वृद्धि नहीं हुई है।
-सबनूर अली
बोले उपवासी
हर साल नवरात्र पर उपवास रखते हैं लेकिन इस बार महंगाई ने कमर तोड़ दी है। फलों के साथ ही तेल और रिफाइंड के दामों में 30 रुपये से ज्यादा का अंदर आ गया है। ऐसे में भारी दिक्कत आ जाएगी।
-अजय सैनी
इस बार रोजे और उपवास एक साथ आने से बाजार में महंगाई बढ़ी है। फुटकर व्यापारियों को कुछ इसलिए नहीं कह सकते हैं उन्हें थोक में ही माल बहुत महंगा मिल रहा है। सरकार को इसपर कंट्रोल करना चाहिए।
-एडवोकेट सोमपाल सैनी
फलों के भाव में उछाल, अंगूर सौ पार
नवरात्र और रमजान शुरू होते ही सबसे ज्यादा असर फल बाजार पर पड़ा है। यहां पांच दिन में ही फलों के दाम आसमान छूने लगे हैं। गर्मियों की दस्तक के साथ ही बाजार में तरबूज, ककड़ी और तरबूज दिखाई देने लगे हैं। अमूमन हर साल शुरुआती तौर पर तरबूज 20 रुपये किलो तक होता था। इस बार इस समय तरबूज 30 से 40 रुपये किलो तक बिक रहा है। इसके अलावा अनार, सेब और स्ट्रॉबेरी के दाम में 10 से 20 रुपये बढ़े हैं। सेब 100 से 130 तक पहुंच गया है। अंगूर जो 60 से 80 चल रहा था, वह अब 100 पार हो गया है। केला भी 30 से 50 और संतरा 60 से 80 रुपये किलो तक हो गए हैं। पपीता और और अनार में भी 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं दूसरी ओर खजूर के दामों में भी भारी उछाल आया है। 120 रुपये किलो बिकने वाली खजूर 160 रुपये से ज्यादा हो गई है।