शहर में दूसरे दिन (शुक्रवार) भी पानी का संकट गहराया रहा। चौबीस घंटे बाद सुबह फाल्ट ठीक कर आपूर्ति सुचारु करने का प्रयास किया गया। लेकिन कुछ घंटे बाद फिर से लाइन में रिसाव होने लगा। उसके बाद जलसंस्थान ने फिर आपूर्ति बंद कर दी। पूरे दिन नगर निगम क्षेत्र के 11 हजार परिवार पानी को लेकर परेशान रहे। देर शाम तक भी आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई। परेशान लोग हैंडपंपों और जिनके घरों में सबमर्सिबल लगे हैं उनके यहां से पानी ढोते नजर आए।
गौरतलब है कि शहर में बुधवार देर रात एक टेलीफोन कंपनी सड़क में ड्रिल मशीनों के जरिए तार डाली रही थी। जिसके चलते मकतूलपुरी क्षेत्र में मुख्य पेयजल पाइप लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। बृहस्पतिवार सुबह जैसे ही जलसंस्थान ने आपूर्ति सुचारु की तो क्षतिग्रस्त पाइप से पानी का फव्वार फूट पड़ा। इससे पूरे क्षेत्र की जलापूर्ति बंद हो गई। जलसंस्थान कर्मियों ने रिसाव बंद करने के लिए पहले मकतूलपुरी और आसपास के ट्यूबवेलों को बंद कराया गया लेकिन रिसाव नहीं रुका तो पूरे निगम क्षेत्र के 16 ट्यूबवेलों को बंद करना पड़ा। जिसके चलते पूरे दिन नगर निगम क्षेत्र के 11 हजार जल उपभोक्ताओं के सामने बूंद-बूंद पानी का संकट खड़ा हो गया। जल संस्थान कर्मियों ने किसी तरह पानी को निकालकर फाल्ट ढूंढकर उसे रिपेयर किया। शुक्रवार सुबह जैसे ही आपूर्ति सुचारु की गई तो फिर रिसाव शुरू हो गया। जिसके चलते सुबह करीब दस बजे फिर से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई। जलसंस्थान कर्मी फाल्ट ठीक करने में पूरे दिन जुटे रहे। लेकिन देर शाम तक कर्मियों को पूरी तरह सफलता नहीं मिल पाई थी।