दो दिन से पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी निशान के करीब पहुंच गया। इससे क्षेत्र के 18 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारी ग्रामीणों को नदियों की ओर न जाने, रात के समय जागते रहने के लिए सचेत कर रहे हैं। गंगा नदी में आए पानी से हजारों बीघा कृषि भूमि पर खड़ी फसलें भी जलमग्न हो गई हैं।
दो दिन से मूसलाधार बारिश से अब तक सूखे पड़े तालाब लबालब हो गए हैं। वहीं, सोमवार सुबह चार बजे से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया। सोमवार दोपहर 12 बजे गंगा का जलस्तर 292.90 मीटर तक पहुंच गया। गौरतलब है कि गंगा नदी के जलस्तर का चेतावनी निशान 293 मीटर है जबकि 294 मीटर खतरे का निशान है।
शेरपुर बेला गांव के पास से गुजरने वाली बाणगंगा जो सूखे के हालात में थी वो भी पानी से लबालब हो गया है। वहीं, गंगा नदी किनारे स्थित हजारों बीघा कृषि भूमि पर खड़ी गन्ने और धान की फसलें जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ के खतरे को देखते हुए तहसील प्रशासन लगातार बाढ़ राहत चौकियों पर तैनात कर्मचारियों से हर दो-दो घंटे बाद अपडेट ले रहा है। पहले ही तहसील प्रशासन ने इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।
गंगा नदी किनारे बसे इन गांवों में बाढ़ का खतरा
गंगा नदी किनारे बसे सौंपरी, केवलपुरी, पंडितपुरी, रामपुर रायघटी, निरंजनपुर, महाराजपुर कलां, महाराजपुर खुर्द गंगदासपुर, नंदपुर,डुमनपुरी,कलसिया, बालावाली, गिद्दावाली, बादशाहपुर, शेरपुर बेला, माडाबेला, चंद्रपुरी खुर्द, चंद्रपुरी कला आदि गांवों में बाढ़ का खतरा है।