बकरीद के लिए जहां बकरे 60 हजार रुपये तक बिके। वहीं, दो लाख कीमत के बकरों को देर शाम तक कद्रदान का इंतजार रहा। इसके मालिक शकील की माने तो बकरे की सुंदरता देखते ही बनती है। इसके खानपान और तैयार करने में तीन साल का वक्त और करीब 60 हजार रुपये खर्च हो गए हैं। रुड़की और पिरान कलियर सहित कई जगहों पर बकरों की मंडी लगाई गई। सबसे अधिक डिमांड राजस्थानी बकरों की रही।
बकरीद के मौके पर रुड़की, कलियर समेत आसपास के इलाकों में बकरों की आमद बढ़ गई है। रुड़की में रामपुर चुंगी, इमली रोड, मच्छी बाजार में 500 से अधिक बकरे बिके। वहीं, कलियर में भी 100 से अधिक बकरे बिके। इस दौरान राजस्थानी बकरों की सबसे ज्यादा मांग रही। इसके अलावा अजमेरी, अलवरी, मेवाती बकरों की भी मांग रही। रुड़की में बकरे पांच हजार से शुरू होकर 60 हजार रुपये तक बिके। यही स्थिति पिरान कलियर में रही। कलियर के कारोबारी रहमान, महरबान, रशीद ,साजिद, कल्लू पहलवान आदि का कहना है कि बकरा जितना देखने में सुंदर होगा, उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा होती है। इसके बाद उनका वजन देखा जाता है। अजमेरी बकरों के अलावा अमृतसरी, देशी बकरों की भी बाजार में मांग है। कारोबारी महरबान का कहना था कि पिछले दो वर्षों की अपेक्षा इस बार महंगाई अधिक है। वहीं, रुड़की में दो लाख कीमत के बकरे के मालिक इमली रोड निवासी शकील ने बताया कि उनके बकरे का वजन एक कुंतल 20 किलो है। इसे तैयार करने में करीब 60 हजार रुपये खर्च आया है।
ईद उल अजहा की नमाज का समय
स्थान समय
ईदगाह 8:30 बजे
जामा मस्जिद 6:15 बजे
मरकज बिलाल मस्जिद 6:15 बजे
शेख बेंचा मस्जिद 6:10 बजे
मस्जिद हवा 6:30 बजे
मस्जिद उमर बिनखत्ताब 9:00 बजे
मदरसा इरफान उल उलूम रामपुर 6:15 बजे
ईदगाह रामपुर 6:45 बजे