जिला परिषद के उपाध्यक्ष का चुनाव आज
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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में तो बसपा की कृपा से कांग्रेस प्रत्याशी सविता चौधरी निर्विरोध जीत गईं, लेकिन उपाध्यक्ष पद के लिए आज वोट पड़ेंगे। वहीं उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बसपा ने अपने सदस्यों को फ्री छोड़ दिया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पहले बसपा से पूर्व विधायक मोहम्मद शहजाद के छोटे भाई सत्तार और कांग्रेसी नेता चौधरी राजेंद्र सिंह के छोटे भाई की पत्नी सविता चौधरी ने नामांकन किया था, लेकिन 10 मई को नामांकन वापसी के दिन सत्तार ने कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में अपना नामांकन वापस लेकर निर्विरोध चुनाव करा दिया था। कांग्रेस की तरफ से राव आफाक एवं बसपा के समर्थन से विरेंद्र राणा ने नामांकन किया था। अब बसपा की ओर से किनारा कर लिए जाने से चुनावी मैदान में उतरे विरेंद्र राणा अलग-थलग पड़ गए हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सतीश कुमार का कहना है कि विरेंद्र राणा का नामांकन शहजाद ने कराया था। पार्टी का उनसे कोई लेना-देना नहीं है इसलिए पार्टी के सभी जिला पंचायत सदस्यों को उपाध्यक्ष के चुनाव में वोटिंग करने के लिए फ्री हैंड छोड़ा गया है। उधर चौधरी राजेंद्र सिंह कहना है कि शहजाद ने अपना नामांकन वापस क्यों लिया। इसका जवाब भी विरेंद्र राणा को मिले वोटों से सबको मिल जाएगा।