माधोपुर के ग्रामीणों ने गंगनहर कोतवाली पहुंचकर एक दरोगा और दो सिपाहियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोतवाली का घेराव किया। साथ ही दरोगा और सिपाहियों पर प्रतिबंधित पशु काटने का झूठा केस दर्ज करने व एक ग्रामीण से मारपीट कर जबरन हिरासत में लेने का आरोप लगाया। साथ ही पुलिस अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की।
गंगनहर कोतवाली में बुधवार सुबह बड़ी संख्या में माधोपुर के ग्रामीण पहुंचे। ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव करते हुए हंगामा किया। ग्रामीणों ने बताया कि चार दिन पूर्व एक दरोगा और पांच सिपाहियों ने प्रतिबंधित पशु काटने की सूचना पर एक घर में छापा मारा था। पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस का कहना था कि तीन लोग छत से कूदकर फरार हो गए थे। साथ ही मौके से 250 किलो प्रतिबंधित मांस और कटान उपकरण बरामद किए थे। आरोप है कि दरोगा और दो सिपाहियों ने गांव के एक व्यक्ति की झूठी शिकायत पर जाति नाम के व्यक्ति को रास्ते में रोककर मारपीट कर दी थी। बीच बचाव कराने पर ग्रामीणों से अभद्रता कर पुलिस जबरन कोतवाली ले आई थी। कोतवाली में उससे मारपीट की गई थी जिसमें वह घायल हो गया था।
ग्रामीणों ने किसी तरह कोतवाली से छुड़ाकर अस्पताल में उपचार दिलाया था। ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान मौसम, घसीटू राम, रामकुमार, अनिल, मुकेश, सोनू, बाबूलाल, शिवकुमार, गोविंदा, विकास, अमन, सोमपाल, कलीराम, दीपक कुमार, रोहित कुमार और विनय आदि मौजूद रहे। वहीं, एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।