पशुओं में खुरपका और मुंहपका रोग से बचाव के लिए पशु चिकित्सा विभाग ने टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। 45 दिनों तक चलने वाले अभियान के दौरान कर्मचारी घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगे। अभियान के दौरान पशुपालकों को पशुओं में होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव कुमार यादव ने बताया कि हर वर्ष पशुओं को खुरपका और मुंहपका रोग से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जाता है। उन्होंने बताया कि यह एक संक्रामक रोग है जो एक से दूसरे पशु में फैलता है। मुंहपका रोग में पशु के मुंह, मसूड़े, जीभ के ऊपर और होंठ के अंदरूनी हिस्से में छोटे-छोटे दाने उभर आते हैं।
यह दाने आपस में मिलकर बड़ा छाला बन जाते हैं। उपचार नहीं मिलने पर यह दाने जख्म में बदलने लगते हैं। खुरपका रोग में पशु के पैरों में इसी प्रकार छाले होकर जख्म बनने लगते हैं। मुंहपका रोग में पशु जुगाली करना बंद कर देता है। खाना-पीना छोड़ने से कमजोर होकर दुधारू पशु दूध देना भी कम कर देता है। रोग का उपचार और बचाव के लिए टीकाकरण आवश्यक है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यादव ने बताया कि लक्सर ब्लॉक में छह टीमें टीकाकरण के लिए लगाई गईं हैं। दो अप्रैल से 45 दिनों तक चलने वाला टीकाकरण अभियान आरंभ हो गया है। टीम में शामिल अधिकारी गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण कर रहे हैं। इस दौरान पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता जांचने के लिए सैंपलिंग भी की जाएगी।
टैगिंग और ओटीपी के साथ ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होगा ब्योरा
पशुओं के टीकाकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कोई पशु नहीं छूटे इसके लिए इस बार ओटीपी व टैगिंग को शामिल किया गया है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव यादव ने बताया कि पशु के टीकाकरण के समय फोटो लेने के साथ ही उसकी टैगिंग भी की जाएगी। टीकाकरण के बाद ऑनलाइन पोर्टल पर ब्योरा दर्ज किया जाएगा। पशुपालक के मोबाइल फोन पर ओटीपी आने के बाद वेरिफाई होते ही टीकाकरण और पशु का ब्योरा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज हो जाएगा।