रामपुर क्षेत्र में गुलदार की चहलकदमी और एक के बाद एक मौतों से क्षेत्रवासी दहशत में हैं। स्थिति यह है कि क्षेत्रवासियों की गेहूं की फसल पककर तैयार है, लेकिन वे डर के मारे खेतों का रुख नहीं कर रहे हैं।
शुक्रवार को गुलदार के हमले से एक की मौत के बाद ग्रामीणों के चेहरों पर भी इसका खौफ नजर आया। यही कारण है कि मस्जिद से भी ऐलान कर खेतों की ओर अकेले नहीं जाने की सलाह दी गई।
रामपुर से लगे खेतों में सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल पककर तैयार है, लेकिन काश्तकार उसे काटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। मजदूरों ने भी खेतों में जाने से पहले ही हाथ खड़े कर दिए हैं। अब नई घटना सामने आने के बाद क्षेत्रवासियों की मुश्किलें और बढ़ गईं हैं। गुलदार के खौफ से शाम होते ही लोग घरों में कैद हो जा रहे हैं।
अधिकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही
क्षेत्रवासी महबूब, मुमताज और सद्दाम का कहना है कि कई दिनों से वनविभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई जा रही है, लेकिन उनके कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। यही कारण है कि एक के बाद एक जान जा रही है।
इसके बावजूद वनविभाग के अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस और वनविभाग की ओर से खेतों में नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।
इसके तहत मस्जिदों से भी ऐलान कराया गया है, ताकि कोई खेतों की ओर अकेले नहीं जाए, जबकि गुलदार को पकडने के लिए ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही गुलदार को नहीं पकड़ा गया तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।