रुड़की जादूगर रोड स्थित सेंटएंस स्कूल में फीस में की गई बढ़ोतरी के विरोध में प्रिंसिपल कक्ष के बा
- फोटो : ROORKEE
ट्यूशन फीस के साथ ही कोरोना महामारी के दौरान बंद रहे स्कूल की मेंटेनेंस फीस लिए जाने के विरोध में अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ गेट पर हंगामा किया। साथ ही स्कूल प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मेंटेनेंस फीस नहीं देने पर स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की परीक्षा का एडमिट कार्ड नहीं दिया है। मामले की शिकायत अभिभावकों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर की है।
कोरोना महामारी के चलते बंद स्कूलों को सरकार ने ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने के आदेश दिए थे। साथ ही ये भी आदेश जारी किए गए थे कि स्कूलों को केवल ट्यूशन फीस ही लेनी है। इसके अतिरिक्त मेंटेनेंस, बस या अन्य किसी प्रकार की कोई फीस नहीं ली जानी चाहिए। वहीं अब कोरोना का प्रकोप कम होने पर स्कूल फिर से खुलने शुरू हो गए हैं। स्कूल खुलते ही मेंटेनेंस फीस व अन्य फीस को लेकर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधकों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई है। हालांकि इससे पहले भी कई मामले ऐसे सामने आ चुके हैं जब अभिभावकों का स्कूल प्रबंधक के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है। मंगलवार को भी सिविल लाइंस के जादूगर रोड स्थित सेंटऐंस स्कूल में ट्यूशन फीस के साथ ही मेंटेनेंस फीस लिए जाने को लेकर अभिभावकों की स्कूल प्रबंधकों से बहस हो गई। बात इतनी बढ़ी कि अभिभावकों ने एकत्र होकर स्कूल गेट पर हंगामा शुरू कर दिया।
अभिभावकों के अनुसार मार्च 2020 से जनवरी 2022 तक स्कूल बंद रहे हैं। फरवरी 2022 में स्कूल खुले हैं। अब स्कूल मार्च 2022 तक की ट्यूशन फीस मांग रहे हैं। इस फीस को अभिभावक देने के लिए तैयार हैं लेकिन ट्यूशन फीस के साथ ही अभिभावकों से दिसंबर 2021 से मेंटेनेंस फीस भी मांगी जा रही है। ये फीस ही लगभग 2000 रुपये प्रति महीना है। जब कोरोना महामारी चल रही थी तब उनका व्यापार और नौकरियां नहीं रही थीं। इसके बावजूद हर महीने उन्होंने ट्यूशन फीस जमा की। अब करीब छह हजार रुपये अतिरिक्त कैसे दें। हालांकि अभिभावक नए शैक्षिक सत्र से मेंटेनेंस फीस पूरी देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने फीस देने में असमर्थता जताई तो 23 फरवरी से शुरू होने वाले एग्जाम का उन्होंने एडमिट कार्ड देने से इनकार कर दिया। ऐसे में अभिभावक एकत्र होकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह के पास पहुंचे। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि वे किसी भी कीमत पर मेंटेनेंस फीस नहीं देंगे। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने स्कूल प्रबंधन से वार्ता कर समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। उधर, स्कूल की प्रिंसिपल एलिस जे से फोन पर वार्ता का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
मेंटेनेंस फीस को लेकर कुछ अभिभावकों के हंगामे का मामला संज्ञान में आया है। अभिभावक और स्कूल प्रबंधक इस मामले को आपस में बैठकर सुलझा सकते हैं। कोरोना महामारी के बीच स्कूल के स्टाफ ने बच्चों की पढ़ाई को लगातार जारी रखने के लिए बहुत मेहनत की है। अभिभावकों को भी स्कूलों की स्थिति को समझना चाहिए।
-माला चौहान, एरिया कोर्डिनेटर, सीबीएसई बोर्ड, रुड़की जोन