भगवानपुर। टोल प्लाजा पर सोमवार को शुल्क वसूली शुरू होते ही बस और ट्रक संचालकों ने विरोध कर दिया। इस दौरान उन्होंने टोल प्लाजा पर जमकर हंगामा और नारेबाजी की। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। वाहन संचालकों का कहना था कि स्थानीय वाहनों पर शुल्क से छूट होनी चाहिए। साथ ही टोल पर शुल्क वसूली के लिए स्थानीय लोगों को ही बतौर कर्मचारी नियुक्त करना चाहिए। वाहन संचालकों ने कई अन्य मांगें भी रखीं। इस दौरान टोल प्लाजा के मैनेजर ने वार्ता कर सभी समस्याओं को उच्चाधिकारियों के सामने रखकर समाधान कराने का भरोसा दिया। करीब ढाई घंटे बाद शुल्क वसूली का काम शुरू हो सका।
गौरतलब है कि दिल्ली देहरादून हाईवे के फोरलेन का काम काफी हद तक पूरा होने के बाद टोल प्लाजा शुरू कर दिया गया था। इस दौरान कांग्रेस विधायक ममता राकेश व भाजपा नेता सुबोध राकेश समेत कई लोगों ने काम अधूरा होने के बावजूद टोल प्लाजा शुरू करने का विरोध किया था। इसके बाद से टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली का काम बंद था, लेकिन सोमवार को एक बार फिर सुबह 10 बजे टोल वसूली शुरू कर दी गई। इसकी जानकारी मिलते ही सोमवार की दोपहर करीब 12.30 बजे स्थानीय ट्रक और बस संचालक टोल प्लाजा पर पहुंच गए और उन्होंने स्थानीय वाहनों से शुल्क नहीं लेने की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद टोल प्लाजा मैनेजर अरविंद कुमार ने हंगामा कर रहे लोगों से वार्ता की। उन्होंने मांगों को लिखित में देने की बात कही। इस पर उन्हें सभी मांगें लिखकर दी गईं। मैनेजर ने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समाधान निकाले जाने का भरोसा दिया। इस आश्वासन पर करीब ढाई घंटे बाद मामला शांत हो सका। इसके बाद टोल प्लाजा शुरू कर दिया गया। हंगामा करने वालों में आदेश सैनी, अफजाल, तरुण कुमार, मुकेश कुमार, पंकज पांडेय, अरुण कुमार, शाहरुख, विजय शर्मा, सचिन चौधरी, मुकेश शर्मा, सरफराज, आदिल चौधरी एवं नदीम चौधरी आदि मौजूद रहे।
ये रहीं मुख्य मांगें
- स्थानीय व्यवसायिक वाहनों पर शुल्क में छूट
- स्थानीय वाहन चालकों को आईकार्ड दिए जाएं
- निजी वाहनों पर शुल्क में माफी दी जाए
- सर्विस रोड का काम पूरा किया जाए
- मासिक पास में भी 50 प्रतिशत की छूट मिले