तहसील स्थित कोषागार कार्यालय में गोल्डन कार्ड बनवाते लोग।
- फोटो : ROORKEE
अब आयुष्मान योजना से ज्यादा राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे गोल्डन कार्ड फायदेमंद होगा। हालांकि यह योजना सरकारी कार्मिकों और पेंशनर्स के लिए होगी। इसमें बीमारी में आने वाले असीमित खर्च को सरकार वहन करेगी। इसके लिए रुड़की तहसील स्थित कोषागार कार्यालय में गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं, लेकिन गोल्डन कार्ड तभी बनेंगे, जब पूर्व में बनवाए गए आयुष्मान कार्ड को निरस्त कर दिया जाएगा।
कोषाधिकारी शैफाली गुप्ता ने बताया कि इस योजना में सरकारी कर्मचारी के अलावा पेंशनर्स और उनके परिवार के सभी सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। रुड़की में दस हजार से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए जाने हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान योजना में पांच लाख तक के इलाज की सुविधा मिलती है, जबकि गोल्डन कार्ड के तहत बीमारी पर असीमित खर्च सरकार वहन करेगी। हालांकि इसके लिए सभी कार्मिकों और पेंशनरों को अंशदान देना होगा। इसके तहत वेतन लेवल एक से पांच तक के राजकीय कार्मिकों व पेंशनर्स को 250 रुपये प्रतिमाह अंशदान होना होगा। जबकि लेवल छह के लिए 450 रुपये प्रतिमाह, लेवल सात के लिए 650 रुपये प्रतिमाह और वेतन लेवल 12 एवं उच्चतर राजकीय कार्मिकों, पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को एक हजार रुपये प्रतिमाह अंशदान देना होगा। बताया कि तहसील में गोल्डन कार्ड बनने शुरू हो गए हैं। पात्र व्यक्ति किसी भी कार्यदिवस में तहसील पहुंचकर अपने कार्ड बनवा सकते हैं।
यह है पात्रता
योजना के तहत राज्य के सभी राजकीय सेवक, पेंशनर व उनके परिवार के सदस्य लाभ ले सकते हैं। शर्तों के अनुसार, राजकीय सेवक व उनपर आश्रित परिवार के लोगों को योजना का लाभ मिलेगा। यदि माता-पिता कार्डधारक पर आश्रित हों तो उन्हें भी यह लाभ मिलेगा।