डेंगू और बुखार का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलौर क्षेत्र में एक शिक्षक समेत दो और लोगों की मौत हो गई है। शिक्षक की बुखार और युवक की मौत डेंगू से होना बताया गया है। हालांकि डेंगू से किसी भी मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की है।
मंगलौर क्षेत्र के मुंडलाना गांव निवासी एवं एक इंटर काॅलेज के शिक्षक अनिल कुमार को दो दिन पहले बुखार आया था। उन्हें रुड़की के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें मेरठ के एक निजी अस्पताल में ले गए। वहां बृहस्पतिवार की शाम को उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
वहीं, मंगलौर के पठानपुरा निवासी 26 वर्षीय युवक को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। रैपिड जांच में युवक में डेंगू की पुष्टि हुई थी। युवक का पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया गया। बाद में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवक की हालत में सुधार नहीं होने पर बृहस्पतिवार को चिकित्सक ने युवक को हायर सेंटर ले जाने के लिए कहा। युवक को परिवार के लोग हायर सेंटर ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि युवक की मौत हो गई। डेंगू और बुखार से अब तक क्षेत्र में 31 लोगों की मौत हो चुकी हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनकी पुष्टि नहीं की गई है।
तीन लोगों की मौत के मामले में जुटाई जानकारी
तीन दिन पहले बुखार से व्यापारी और महिला समेत तीन लोगों की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी जुटाई है। टीम ने परिजनों और चिकित्सकों से संपर्क किया है। इसमें पता चला है कि महिला और व्यापारी की डेंगू की रैपिड जांच पॉजिटिव आई थी। पार्षद का भाई काफी समय से बीमार चल रहा था। टीम की ओर से बताया गया कि महिला का जिस अस्पताल से उपचार चल रहा था। उस अस्पताल से महिला के खून के सैंपल का सिरम लिया गया है। उसकी एलाइजा जांच कराई जाएगी। व्यापारी की मौत देहरादून के एक अस्पताल में हुई थी। उस अस्पताल से संपर्क किया गया र्है। वहां से भी खून के सैंपल से सिरम लिया जाएगा। उसकी एलाइजा जांच कराई जाएगी। इससे पता चल सकेगा कि उनको डेंगू था या नहीं।
डॉक्टर साहब, पूरे ही परिवार को है बुखार
रुड़की। डॉक्टर साहब, ज्यादा दवा दे देना। पूरे परिवार को ही बुखार है। घर में खाना तो दूर पानी तक देने वाला नहीं है। सभी बुखार में पड़े हैं। सिविल अस्पताल रुड़की में बेटी और अपनी बुखार की दवा लेने पहुंचे ढंढेरा निवासी एक व्यक्ति ने डाक्टर को यह बात कही। चिकित्सक डॉ. शैलेश तिवारी ने बताया कि ऐसे कई मरीज आ रहे हैं जिनके पूरे परिवार को ही बुखार है। व्यक्ति की बेटी की हालत ज्यादा खराब थी। उसे भर्ती किया गया है। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि बुखार के मरीज अधिक आ रहे हैं। वार्ड में लगभग सभी बेड मरीजों से फुल हैं। मरीज बढ़ते हैं तो वह प्री-फेब्रिकेटिड वार्ड खुलवा देंगे।