किसानों के हकों को लेकर लड़ने वाले भारतीय किसान यूनियन के नेता संगठन में पद को लेकर रोड़ और टिकैत गुट में तो पहले ही बंट चुके थे। अब संगठन को लेकर दोनों गुट आमने-सामने आ गए हैं। मंगलवार को दोनों ही गुट के पदाधिकारी सदस्यों के साथ अलग-अलग जगह एक-दूसरे संगठन के खिलाफ खड़े हो गए। भाकियू रोड गुट ने टिकैत गुट के कुछ पदाधिकारियों पर किसान के बजाय व्यक्तिगत हित के लिए संगठन का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वहीं भाकियू टिकैत गुट ने धरना देकर रोड गुट के एक पदाधिकारी पर जिलाध्यक्ष पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए उनपर कार्रवाई की मांग उठाई।
भाकियू रोड़ : कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन रोड़ गुट ने प्रशासनिक भवन में पंचायत कर दूसरे किसान संगठन के कुछ पदाधिकारियों पर संगठन का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सिविल लाइंस कोतवाली में तहरीर देकर ऐसे पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी भी दी कि संगठन ऐसे लोगों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा जो बाबा टिकैत के सिद्धांतों के खिलाफ चलेगा।
मंगलवार को भाकियू रोड़ गुट के प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्र्ता प्रशासनिक भवन पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 35 साल पहले भाकियू सुप्रीमो दिवंगत चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने उन्हें संगठन की कमान सौंपी थी लेकिन कुछ व्यक्ति भ्रामक एवं अनर्गल प्रचार कर संगठन को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। किसान हितों में लड़ने के बजाय व्यक्तिगत काम के लिए संगठन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि झबरेड़ा में दूसरे किसान संगठन की ओर से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया तो रुड़की में कोतवाली का घेराव किया जाएगा। साथ ही चकबंदी जांच पर प्रगति नहीं हुई तो चक्का जाम किया जाएगा।
भाकियू जिलाध्यक्ष नाजिम अली ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह रोड़ के नेतृत्व में लगातार संगठन काम कर रहा है। किसानों की समस्याओं को हल करने का काम किया जा रहा है। संगठन की बढ़ती लोकप्रियता के चलते दूसरे संगठन के कुछ पदाधिकारी भ्रामक जानकारियां फैला रहे हैं। इस दौरान तहसीलदार और सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। इसमें एक किसान संगठन के नेता पर एक किसान के साथ मारपीट और गाली-गलौज करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। इस दौरान युवा विंग के जिलाध्यक्ष कुंवर संजीव कुशवाह, जिला उपाध्यक्ष मुबारिक अली, प्रदेश सचिव कारी शहजाद, रवि कुमार, प्रदीप त्यागी, प्रवेश प्रधान, पवन सिंह रोड, शमशाद प्रधान आदि ने विचार व्यक्त किए। बाद में भाकियू की ओर से अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन भी नायब तहसीलदार को सौंपा गया।
भाकियू टिकैत : केस दर्ज नहीं होने पर थाने में दिया धरना
भारतीय किसान यूनियन टिकैत की ओर से भाकियू रोड़ गुट के एक किसान नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने पर थाना परिसर में प्रदर्शन किया। साथ ही जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज करने की मांग की। पुलिस के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए और धरना समाप्त किया।
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारी और किसान बड़ी संख्या में एकत्रित होकर थाने में पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। भाकियू जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने कहा कि भाकियू टिकैत ने झबरेड़ा थाने में तीन दिन पूर्व एक किसान नेता के खिलाफ तहरीर दी थी। आरोप लगाया था कि भाकियू से निकाले गए किसान नेता ने प्रेस कांफ्रेंस कर उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। पुलिस को प्रेस कांफ्रेंस की सीडी भी उपलब्ध कराई गई थी लेकिन पुलिस ने अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं करती है तो किसान सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी जिम्मेदारी पुलिस की होगी। थानाध्यक्ष विनोद थपलियाल ने धरने पर पहुंचकर किसानों को सीडी की जांच के बाद उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस दौरान कुलदीप, संजय, राजू, दीपक कुमार, विजय, रमेश, दिनेश कुमार, योगेश व अनिल कुमार आदि मौजूद थे।