रुड़की। दो विभागों में तालमेल के अभाव से पिछले चार माह से गंगनहर नए पुल का निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऊर्जा निगम की ओर से तार हटाने में हीलाहवाली बरती जा रही है। जिसके कारण कार्य नहीं हो पा रहा है। जबकि ऊर्जा निगम का कहना है कि उन्हें इस संबंध में एक दिन पहले जानकारी मिली है।
चार फरवरी-2012 को गंगनहर पर बना एक पुल धराशायी हो गया था। इस दौरान तीन मजदूरों की मौत हो गई थी। पहले पुराने पुल के मलबे को हटाने में दो साल बीत गए। इसके बाद जुलाई-2015 में गंगनहर में नए पुल का शिलान्यास किया गया। लेकिन लगभग एक साल बाद भी पुल का निर्माण कार्य अधर में है। अप्रैल-2016 में इस पुल का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन दो विभागों में तालमेल के अभाव से कार्य लटका हुआ है। यदि यही स्थिति रही तो वर्ष-2016 में भी गंगनहर नए पुल का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाएगा।
निर्माणदायी संस्था लोनिवि के सहायक अभियंता मुकेश सैनी का कहना है कि ऊर्जा निगम की हीलाहवाली से गंगनहर नए पुल का निर्माण कार्य चार माह से रुका हुआ है। इसके लिए ऊर्जा निगम की ओर से बिजली के तार नहीं हटाना कारण बताया जा रहा है। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार का कहना है कि उनके आने से पहले गंगनहर के एक किनारे का तार हटवा दिया था, जबकि दूसरे किनारे का तार हटाने के लिए एक दिन पहले लोक निर्माण विभाभा की ओर से अवगत कराया गया है। अब बुधवार को संबंधित तार को कराई जाएगी। उसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।