मंडावली गांव के पास 132 केवी सब स्टेशन मंगलौर से पोषित होने वाली 33 केवी की मुख्य विद्युत लाइन पर सोमवार सुबह अचानक एक विशालकाय पेड़ गिर गया। इस कारण नारसन कस्बा स्थित विद्युत उपकेंद्र से जुड़े पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। लाइन ब्रेकडाउन होने की वजह से ग्रामीण इलाकों में गर्मी से हाहाकार मच गया और लगभग 70 हजार से अधिक की आबादी को पांच घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
विद्युत आपूर्ति बाधित होने से नारसन कस्बे सहित इससे जुड़े गांव खेड़ा जट्ट, उल्हेड़ा, नारसन कला, नंगला कोयल, सकौती, मोहम्मदपुर जट्ट, दहियकी, मंडावली, नारसन खुर्द आदि के लोगों ने भीषण गर्मी के बीच अचानक हुई इस अघोषित कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी। बिजली न होने के कारण कस्बे और ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की भारी किल्लत खड़ी हो गई है।
इसके अलावा, बिजली पर निर्भर रहने वाले स्थानीय व्यापारियों और विद्युत संबंधी कारोबारियों जैसे वेल्डिंग दुकानें, आटा चक्की, साइबर कैफे और छोटे उद्योग में भारी मायूसी छाई हुई है। दिनभर काम पूरी तरह ठप रहने से व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। नारसन विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जेई सतीश सैनी ने बताया कि सोमवार सुबह लगभग 9:30 पर मेन 33केवी लाइन पर पेड़ गिरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लगभग पांच घंटे बड़ी मशक्कत के बाद आपूर्ति बहाल की गई।