रुड़की। कोषागार कर्मचारियों की हड़ताल का असर पर अब दिखने लगा है। सरकारी विभाग के बिल पेंडिंग होने लगे हैं। किसी भी विभाग के बिल का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में विकास कार्यों पर ब्रेक लग सकता है। सबसे ज्यादा परेशानी पेंशनर्स को उठानी पड़ रही है। पेंशनर्स का सत्यापन नहीं होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। कर्मचारियों की हड़ताल इसी तरह से आगे खिंचती है तो स्टांप का संकट भी खड़ा हो सकता है।
प्रदेशभर के कोषागार कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आठ जनवरी से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कोषागार में ताले लटके हैं और कोई कामकाज नहीं हो रहा है। रुड़की कोषागार में भी कोई कामकाज नहीं हो रहा है। सोमवार को ट्रेजरी खुली तो जरूर, लेकिन उसमें कोई कामकाज नहीं हुआ। किसी सरकारी विभाग का कोई बिल पास नहीं हुआ। वैरीफिकेशन के लिए आने वाले पेंशनर्स को भी निराश ही वापस लौटना पड़ा। इससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ी। ट्रेजरी से करीब 30-32 लाख रुपये के स्टांप प्रतिदिन जारी होते हैं। हड़ताल के कारण स्टांप जारी नहीं हो सके। इससे बैनामे आदि में काफी दिक्कत रही।