समय पर थ्रेसिंग नहीं होने से किसानों को फसल खराब होने का सता रहा डर
लगातार हो रही बूंदाबांदी के चलते पूरी तरह नहीं सूख पा रही सरसों की फसल
खेतों में कटी पड़ी सरसों की फसल की थ्रेसिंग प्रभावित
खानपुर। बार-बार मौसम का मिजाज बिगड़ने से किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींची हुई हैं। खेतों में कटी पड़ी सरसों की थ्रेसिंग प्रभावित होने से किसान परेशान हैं। धूप न निकलने से किसानों की नजर सारे काम धंधे छोड़कर आसमान की ओर गढ़ जाती है।
पिछले कई दिनों से कभी धूप, कभी बूंदाबांदी के कारण सरसों की फसल पर बुरा प्रभाव पड़ा है क्योंकि फसल पूरी तरह से सूख नहीं पा रही है। जिसके चलते थ्रेसिंग नहीं हो रही है। वहीं अब गेहूं की फसल भी तैयार होने वाली है। किसान अब मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। खानपुर क्षेत्र में अधिकांश जगह पर गन्ने की फसल उगाई जाती है जबकि कुछ भूमि एक फसली है जिसमें सिर्फ धान की फसल होती है। किसानों ने गन्ने की फसल को पिछले साल नवंबर में बेचकर गेहूं और सरसों की बुवाई की थी। सरसों की लगभग तैयार हो चुकी फसल बूंदाबांदी के चलते भीग गई थी। इसके बाद किसानों ने सरसों की फसल को सुखाने के लिए खेत में फैला दिया था। फिर से बूंदाबांदी के चलते सरसों की फसल भीग गई है। किसान कुशलपाल, सतबीर सिंह, मदन सिंह, नरेश सिंह, कलम सिंह औ इलम चंद शर्मा आदि का कहना है कि जब भी वह सरसों की फसल की थ्रेसिंग कराना चाहते है, तभी बूंदाबांदी हो जाती है, और फसल में नमी आ जाती है, जिसकी चलते थ्रेसिंग नहीं हो पा रही है।