महिला को भांजी बताकर तीन साल तक रेलवे का एक अधिकारी अलग क्वार्टर में रखता रहा। पत्नी की ओर से आपत्ति करने पर उसे समझा बुझाकर शांत करता था साथ ही धमकाता भी था, लेकिन बृहस्पतिवार को आरोपी रेलवे अधिकारी की पोल खुल गई। महिला के पति और परिजन पहले उसे लेने के लिए रेलवे क्वार्टर पहुंचे। रेलवे अधिकारी के विरोध पर मामला कोतवाली सिविल लाइंस पहुंचा, जहां पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
घटनाक्रम के अनुसार रेलवे में तैनात सिग्नल इंस्पेक्टर का मुजफ्फरनगर चरथावल की एक महिला से प्रेम प्रसंग चल रहा था। तीन साल पहले रेलवे अधिकारी उसे रुड़की ले आया। साथ ही पति को यहीं पर काम दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद पति को ई-रिक्शा दिला दिया, जिसे चलाकर वह गुजरबसर करने लगा। इस दौरान महिला से रेलवे अधिकारी के रिश्ते चलते रहे। जानकारी मिलने पर महिला के सास-ससुर अन्य लोगों के साथ बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर से रुड़की पहुंचे। पहले तो उन्होंने जबरन महिला को ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रेलवे अधिकारी की ओर से आपत्ति करने पर मामला कोतवाली गंगनहर पहुंचा। इस बीच आरोपी सिग्नल इंस्पेक्टर की पत्नी भी कोतवाली पहुंच गई। यही नहीं उसके परिजन भी वहां पहुंच गए। कोतवाली में लगा मजमा लगभग एक घंटे तक चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। साथ ही अनाधिकृत रूप से रेलवे क्वार्टर में रह रही महिला को उसके परिजनों के साथ भेज दिया।
रेलवे अधिकारी द्वारा दूसरी महिला को अवैध रूप से क्वार्टर में रखने के मामले में रेलवे के अधिकारियों को अवगत कराया गया है। इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है।
-- चंद्रभान सिंह, कोतवाली प्रभारी गंगनहर