भगवानपुर। एक तरफ मुख्यमंत्री की ओर से घाड़ विकास परिषद बनाकर क्षेत्र के विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ विकास के नाम पर यहां की जनता के साथ मजाक करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। तीन माह पहले घाड़ के आधा दर्जन गांवों को हाईवे से जोड़ने के लिए सड़क का पक्का करने के लिए शिलान्यास तो कर दिया लेकिन निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्रीय लोगों में रोष है।
सहारनपुर-देहरादून हाईवे से कालेवाला से होते हुए खेड़ीशिकोहपुर, लोदीवाला, अलावलपुर, अमानतगढ़ आदि गांवों को जोड़ने के लिए ग्रामीण वर्षों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। 26 जून को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसके लिए दो करोड़ 35 लाख 83 हजार रुपये के बजट की घोषणा करते हुए सड़क का पत्थर लगाते हुए शिलान्यास भी कर दिया था। उसके बाद से क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल था। तीन माह बीत चुके हैं लेकिन सड़क का काम अब तक शुरू नहीं होने से शिलान्यास का पत्थर ग्रामीणों का मुंह चिढ़ा रहा है।
शिलान्यास के बाद खुला टेंडर
सड़क का निर्माण तो आज तक शुरू नहीं हो पाया लेकिन कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग (हरिद्वार) की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। सड़क का शिलान्यास करने के तीन बाद 23 सितंबर को टेंडर खोले गए। जबकि शिलान्यास पहले कर दिया गया था। इस पर क्षेत्रीय जेई नरेंद्रपाल का कहना है कि टेंडर 26 जून से पहले डाल दिए थे। लेकिन किसी कारणवश टेंडर 23 सितंबर को खोले गए।
शिलान्यास पर नाम, विधायक अंजान
सड़क बनाने के लिए तीन माह पहले किए गए शिलान्यास पर ज्वालापुर के भाजपा विधायक चंद्रशेखर का नाम भी है। लेकिन तीन माह बाद भी उन्हें इसका पता नहीं है। विधायक का कहना है कि उन्हें न किसी सड़क के शिलान्यास का पता है और न यह मालूम है कि उनका नाम भी शिलान्यास के पत्थर पर लिखा है। जानकारी लेकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।