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दो हादसों में तीन की मौत

Wed, 03 Feb 2016 11:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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झबरेड़ा/खानपुर। अलग-अलग क्षेत्र में हुई दो दुर्घटनाओं में तीन युवकों की मौत हो गई है। जबकि चौथा युवक घायल हो गया है। इनमें से  एक दुर्घटना झबरेड़ा क्षेत्र में पुहाना-नारसन मार्ग पर खजूरी गांव के पास हुई। यहां रोडवेज बस की चपेट में आए सहारनपुर निवासी तीन बाइकसवार युवकों में से दो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दूसरी दुर्घटना खानपुर-दल्लावाला मार्ग पर तुगलपुर गांव के पास हुई। यहां टैंपो की टक्कर से बाइकसवार युवक की मौत हो गई है। दोनों दुर्घटनाओं में चारों युवकों ने हेलमेट नहीं पहना था।
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बुधवार सुबह आठ बजे देहरादून ग्रामीण डिपो की बस दिल्ली जा रही थी। तभी पुहाना-नारसन बाईपास पर बस अनियंत्रित हो गई और एक बाइक से टकरा गई। बाइकसवार तीन युवकों में से दो की मौत हो गई है। मृतक की पहचान राजेश (24) पुत्र महेंद्र और पंकज (23) पुत्र शेखर निवासी जटौल गांव, सहारनपुर के रूप में हुई है। जबकि तीसरा युवक अनुज पुत्र भगत बुरी तरह घायल हो गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल अनुज को पहले जौलीग्रांट अस्पताल भिजवाया लेकिन हालत गंभीर होने पर वहां से उसे मेरठ रेफर कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार तीनों युवक किसी फैक्ट्री में कार्य करते हैं और प्रतिदिन जटौल गांव से आना-जाना करते हैं। बुधवार को भी तीनों फैक्ट्री जा रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया। तीनों युवकों ने हेलमेट नहीं पहना था और तीनों के सिर पर चोटें आई है। दुर्घटना के बाद आरोपी बस चालक और परिचालक फरार हैं। पुलिस ने बस कब्जे में लेकर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
दूसरी ओर डेरियो निवासी कुंवरपाल (35) मंगलवार शाम अपनी रिश्तेदारी में चंद्रपुरी गांव आया हुआ था। देर रात वह वापस जा रहा था। तभी तुगलपुर गांव के पास सामने से आ रहे टैंपो से बाइक की टक्कर हो गई। गंभीर हालत में कुंवरपाल को 108 की मदद से अस्पताल पहुंचाया लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार कुंवरपाल ने भी हेलमेट नहीं पहना था।
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परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
खानपुर। डेरियो गांव निवासी कुंवरपाल मंगलवार की शाम घर आने की बात कहकर गया था, लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था। दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद कुंवरपाल की पत्नी बेसुध है। वह बार-बार उसके आने की रट लगा रही थी। कुंवरपाल के पांच वर्षीय बेटे वंश को तो यह भी नहीं मालूम कि उसके सिर से पिता का साया अब उठ चुका है। कुंवरपाल की तीन बेटियों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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