फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा के पानी में समाई किसानों हजारों बीघा जमीन

विज्ञापन
विज्ञापन
खानपुर। दो दिन लगातार बारिश के बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र की लगभग दस हजार बीघा कृषि भूमि पर खड़ी गन्ने और धान की फसल जलमग्न हो गई है। वहीं, गंगा के जलस्तर में कभी उतार तो कभी चढ़ाव आने से नदी किनारे बसे ग्रामीणों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। तहसील प्रशासन नदियों के जलस्तर पर लगातार निगाह रख रहा है।
विज्ञापन

झमाझम बारिश के चलते मंगलवार को गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था। बुधवार को भी दिनभर बारिश होने से लगातार जलस्तर बढ़ता रहा और दोपहर एक बजे पानी 292.90 मीटर तक पहुंच गया था, जो गंगा के चेतावनी निशान 293 मीटर के काफी करीब है। जलस्तर बढ़ने से गंगा में आई बाढ़ का पानी डुमनपुरी, कलसिया, बालावाली, गिद्धावाली, बादशाहपुर, खानपुर, इदरीशपुर, शेरपुर बेला, चंद्रपुरी कलां, चंद्रपुरी खुर्द और उत्तर प्रदेश के रामसहायवाला, हिम्मतपुर बेला आदि गांवों की लगभग दस हजार बीघा कृषि भूमि पर खड़ी गन्ने और धान की फसलों में फैल गया है। इसके चलते किसानों के सामने पशुओं के चारे का संकट भी गहरा गया है।
बृहस्पतिवार सुबह से बारिश थमने के बाद क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली है। क्षेत्रीय किसान कुशल पाल, मदन सिंह राठी, नफे सिंह, कर्म सिंह, महिपाल सिंह आदि का कहना है कि भले ही गंगा का जलस्तर कम हो गया हो, लेकिन गन्ने, धान और पशुओं के चारे की फसलों में भरा पानी तेज धूप होने के चलते नुकसान पहुंचाएगा। वहीं, बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे गंगा का जलस्तर 292.20 मीटर दर्ज किया गया। एसडीएम शैलेंद्र सिंह नेगी का कहना कि तहसील प्रशासन नदियों के जलस्तर पर निगाह रख रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें