रुड़की। टीकाकरण में खलल डालने वालों की अब खैर नहीं। सेंटरों पर हंगामा और स्वास्थ्य कर्मचारियों से अभद्रता करने पर विभाग सीधे आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराएगा। भारत नगर के वैक्सीनेशन सेंटर पर हंगामा कर सामान बाहर फेंकने और एएनएम से अभद्रता करने की घटना के बाद यह कदम उठाया गया है। साथ ही विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उधर, स्वास्थ्य कर्मचारियों के ड्यूटी से इनकार करने के कारण भारत नगर का वैक्सीनेशन सेंटर बंद करना पड़ा।
दो दिन पहले भारत नगर में वैक्सीनेशन सेंटर पर भीड़ में शामिल लोगों ने हंगामा कर दिया था। उनकी मांग थी कि बिना वैक्सीन लगाए उन्हें वैरिफाई कर दिया जाए क्योंकि कुछ लोगों की तबीयत खराब है। कुछ लोग कह रहे थे कि पहले वैक्सीन लगाई जाए, इसके बाद प्रक्रिया अपनाई जाए, लेकिन कर्मचारियों ने इनकार कर दिया था। इससे भड़के लोगों ने वैक्सीन के बॉक्स और अन्य सामान कमरे से बाहर फेंक दिया था। एएनएम ने रोकने का प्रयास किया तो उनके साथ अभद्रता कर दी थी। हालात बेकाबू होेने पर अधिकारियों ने तुरंत सेशन साइट बंद कर थी। स्थानीय अधिकारियों ने शाम तक मामले को दबाए रखा। बाद में किसी तरह इसकी जानकारी सीएमओ तक पहुंची। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही सेंटर पर की गई अभद्रता की जांच शुरू करवा दी है। सीएमओ डॉ. एसके झा ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने वालों पर आपदा मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि आगे से यदि किसी भी सेंटर पर कोई हंगामा या कर्मचारी से अभद्रता हुई तो संबंधित के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत केस दर्ज करवाया जाएगा।
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सेंटरों पर सुरक्षित नहीं स्वास्थ्यकर्मी
पिछले कुछ समय से शहर से लेकर देहात तक में वैक्सीनेशन सेंटरों पर हंगामा और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्रता की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। दो दिन पहले भारत नगर में हुआ विवाद इसका ताजा उदाहरण है। करीब दस दिन पहले वैक्सीनेशन महाअभियान के दौरान इमलीखेड़ा क्षेत्र में दो सेंटरों पर वैक्सीन को लेकर लोगों ने हंगामा किया था। छह दिन पहले भी रुड़की के एक सेंटर पर भी लोगों ने भीड़ बढ़ने को लेकर हंगामा किया था। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मी सेंटरों पर पुलिस की तैनाती की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग में वैक्सीनेशन और वैरिफायर के तौर पर महिलाएं और युवतियां तैनात हैं। दो दिन पहले हुई घटना के बाद ये स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से डर रहे हैं। यही वजह है कि रविवार को भारत नगर में जब ड्यूटी करने की बात आई तो अधिकतर स्टाफ ने असमर्थता जताई। वहीं, सीएमओ एसके झा ने बताया कि शुरू में ही पुलिस और प्रशासन से मांग की थी कि एक सेंटर पर एक पुलिसकर्मी तैनात कराया जाए। अब दोबारा से विभाग को पुलिस बल के लिए पत्र लिखा गया है।