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बच्चों को प्रभावित करेगी कोरोना की तीसरी लहर

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बाल रोग विशेषज्ञ ने स्टाफ को कोरोना की तीसरी लहर से बचने के लिए प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को ज्यादा प्रभावित करेगी। इसलिए बच्चों को इससे बचाने और संक्रमित होने पर उनके इलाज में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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बुधवार को सिविल अस्पताल में आयोजित शिविर में रुड़की, मंगलौर, नारसन, इमलीखेड़ा, भगवानपुर, लक्सर और खानपुर में स्थित सीएचसी व पीएचसी के प्रभारी, डॉक्टर, नर्स और फार्मेसिस्ट आदि को कोरोना की तीसरी लहर से बचने का प्रशिक्षण दिया गया। ट्रेनर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके मिश्रा ने कहा कि कोरोना की पहली लहर ने अधिकतर बुजुर्गों को निशाना बनाया था। दूसरी लहर में युवाओं को चपेट में लिया था। अब कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका बनी हुई है। आशंका जताई जा रही है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों को ज्यादा प्रभावित करेगी। इसलिए हमें तीसरी लहर से बचने के लिए पहले से ही सतर्क रहने की जरूरत है। सबसे पहले ये प्रयास करने होंगे कि बच्चे कोरोना की चपेट में न आएं। यदि बच्चे तीसरी लहर में चपेट में आते हैं तो इसके लिए सीएचसी और पीएचसी पर पहले से ही तैयारी रखनी होगी। उन्होंने स्टाफ को बच्चों में कोरोना के लक्षण और उसके उपचार के बार में विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा इस बात का भी विशेष ध्यान रखना होगा कि यदि बच्चा कोरोना पीड़ित है तो उसका सीएचसी या पीएचसी पर इलाज संभव है या नहीं। यदि बच्चे की स्थिति गंभीर है तो बिना समय गंवाए उसे हायर सेंटर रेफर करना होगा। इस दौरान डॉक्टरों ने प्रश्न पूछकर अपनी आशंकाओं का समाधान किया। प्रशिक्षण में डॉ. दिली रमन, डॉ. अभिमन्यु ठाकुर, डॉ. विवेक तिवारी, डॉ. हुरेमा, डॉ. निष्ठा आदि मौजूद रहे।
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