शहर के अधिकतर बैंकों में फिर आर्थिक तंगी शुरू हो गई है। कोई बैंक नगदी से खाली हो गया है तो कहीं अधिकतम दो-चार हजार रुपये उपभोक्ताओं को दिए जा रहे हैं। दूसरी ओर शहर के अधिकतर एटीएम भी ठप हैं। जिनमें पैसा डाला जा रहा है वहां निकासी के लिए उपभोक्ताओं की कतारों में खड़ा होना पड़ा रहा है। एसबीआई मुख्य शाखा में नोटबंदी के 38 दिन बाद भी 500 रुपये के नए नोट नहीं आए। जिसकी वजह से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
एसबीआई मुख्य शाखा में बृहस्पतिवार को उपभोक्ताओं को अधिकतम चार हजार रुपये दिए गए। जबकि चालू खाते से 10 हजार तक की निकासी हुई। कमोबेश यही हाल अन्य बैंकों में भी रहा। पीएनबी मुख्य शाखा में लोगों को कुछ राहत मिली। यहां से लोग निर्धारित 24 हजार तक की निकासी कर पाए। बैंक अधिकारियों के अनुसार अभी लगभग एक सप्ताह तक लोगों को नगदी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सोमवार के बाद इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। एसबीआई मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक जयशंकर के अनुसार फिलहाल बचत खाते पर लोगों को चार हजार रुपये दिए जा रहे हैं। प्रयास किए जा रहे हैं कि निकासी के लिए आने वाले व्यक्ति को खाली हाथ लौटना न पड़े। इसीलिए स्थानीय स्तर से व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि 500 के नए नोट अभी नहीं आए हैं। कब आएंगे इस संबंध में भी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
लोगों में आक्रोश, सहमे बैंककर्मी
एसबीआई की नारसन शाखा में बृहस्पतिवार को नगदी न मिलने पर सैकड़ों लोगों को निराश लौटना पड़ा। इस पर कई लोगों की बैंककर्मियों से नोकझोंक हुई। शाखा प्रबंधक नरेंद्र कुमार का कहना है कि कैश की कमी से न उपभोक्ता परेशान हैं बल्कि बैंककर्मियों और अधिकारियों को भी फजीहत हो रही है।