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निजी बैंक की नौकरी रास नहीं आई तो शुरू की ठगी

Thu, 15 Dec 2016 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
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आरबीआई अधिकारी बन लोगों से ठगी करने के आरोप में धरे गए युवक को पुलिस ने बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। इससे पहले तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर उसके पास से कई फर्जी आईडी और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं।  

पुलिस के अनुसार गाजियाबाद निवासी अश्वनी कुमार गुप्ता उर्फ विवेक भारती पुत्र जयप्रकाश भारती पढ़ा लिखा और शातिर युवक है। एमबीए करने के बाद उसने एचडीएफसी बैंक करनाल में नौकरी की थी, लेकिन निजी बैंक की नौकरी रास नहीं आने और जल्द ही करोड़पति बनने के लालच में उसने ठगी का रास्ता अपना लिया। पहले भी इसने कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया, लेकिन आठ नवंबर को नोटबंदी के बाद शातिर ने रिजर्व बैंक का विजिटिंग कार्ड और फर्जी आईडी बनवा ली। इसके बाद नोट बदलने का झांसा देकर लोगों से ठगी शुरू कर दी।
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इस दौरान शहर के कई लोग इसके झांसे में आकर ठगी का शिकार हो गए। एक व्यापारी की शिकायत के बाद जब मामला खुला तो सच्चाई सामने आ गई। नेहरू नगर रुड़की निवासी हिमांशु ने तहरीर देकर पुलिस से आपबीती बताई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया। कोतवाली सिविल लाइंस के प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने बताया कि आरोपी के पास से फर्जी विजिटिंग कार्ड और कुछ अन्य कागजात बरामद हुए हैं, जिसकी जांच की जा रही है।
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