फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीड़िता ने कहा, जीने नहीं दे रहे लोग

Tue, 07 Mar 2017 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
विज्ञापन
विज्ञापन
 कोतवाली रुड़की में पहुंची बलात्कार की शिकार एक युवती ने जब अपने ऊपर हो रहे अत्याचार के बारे में बताया तो पुलिस का भी दिल पसीज गया। घटना को आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन लोगों ने आज तक उसे जिंदगी के इस काले और भयानक हादसे को भूलने नहीं दिया है। उस पर तरह-तरह के तंज कसे जाते हैं। पीड़िता ने पुलिस ने मदद की गुहार लगाई है।
विज्ञापन


कोतवाली सिविल लाइंस में मंगलवार को एक युवती पहुंची। युवती गुमसुम थी। देखने से लग रहा था कि वह शारीरिक रुप से बीमार है, लेकिन उसकी आंखों का सूनापन बता रहा था कि वह कुछ कहना चाहती और मदद चाहती है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल की नजर जब उस पर पड़ी तो उन्होंने उस युवती को बुलाया और उससे पूछा क्या दिक्कत है। यह सुनते ही युवती की आंखें भर आई। युवती ने बताया कि वह जैसी दिख रही है ऐसी नहीं थी। एक पब्लिक स्कूल में पढ़ाती थी। वर्ष 2009 में उसके साथ ऐसा भयावह हादसा हुआ कि उसकी पूरी दुनिया ही बदल गई। उसने बताया कि उसके साथ बलात्कार हुआ था।

इस घटना ने उसकी आत्मा तक को झकझोर कर रख दिया। परिवार के लोगों ने लोकलाज के कारण आरोपियों के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज कराया, लेकिन उनके आसपास के सभी लोगों को इस बात पता है। उसने बताया कि इस घटना के बाद वह बेहद टूट गई थी। अजमेर में उसे उपचार के लिए भेजा गया था। जहां उसे पागलों का उपचार दिया गया। वह वापस अपने घर आ गई। घटना को आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन कुछ लोग इसे भूलने नहीं दे रहे हैं। उसने मोहल्ले के एक दबंग व्यक्ति का नाम बताते हुए कहा कि वह उसकी शादी जबरन किसी से कराना चाहता है। वह कहीं भी जाती है तो वहां पहले ही बता देता है कि उसके साथ क्या हुआ था। उसे ब्लैकमेल किया जा रहा है। उसके परिवार वाले इतने गरीब हैं कि वह कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। उसकी छह बहने हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने पीड़िता की पूरी कहानी सुनने के बाद मामले की जांच महिला दरोगा ममता गोला को सौंप दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें