नारसन में बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त करने के साथ-साथ विद्युत व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। बारिश के कारण जगह-जगह बिजली की लाइनों में जंपर ब्रेकडाउन होने से आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। सबसे बुरा हाल नारसन कस्बे का रहा। वहां मुख्य फीडर में आई तकनीकी खराबी के कारण लगभग 19 घंटे तक बिजली गुल रही। वहीं रुड़की, बुग्गावाला समेत अन्य स्थानों की बिजली आपूर्ति भी रात और दिन में कई बार प्रभावित हुई।
तेज बारिश के कारण बिजली की लाइनों में शॉर्ट सर्किट और जंपर की समस्या को ठीक करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार रात लगभग 9 बजे से बंद हुई बिजली शुक्रवार दोपहर लगभग तीन बजे तक बहाल हो सकी। बिजली न होने से घरों में पानी की किल्लत भी हो गई और छोटे उद्योगों व दुकानों का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। क्षेत्रवासी भोलू, पंकज, अंकित, विशाल, नितिन और शुभम आदि का कहना है कि हल्की बारिश होते ही जंपर ब्रेकडाउन की समस्या शुरू हो जाती है। इसे ठीक करने में विभागीय कर्मचारी घंटों लगा देते हैं। घंटों तक बिजली न मिलने से बच्चों की पढ़ाई और दैनिक कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर गृहणियों को घर के काम पूरे करने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। नारसन विद्युत उपकेंद्र में तैनात जेई सतीश सैनी का कहना है कि बारिश के कारण इंसुलेटर और जंपर में तकनीकी खामी आई थी। लाइनों में फॉल्ट ढूंढने और उन्हें ठीक करने में कर्मचारियों को भारी बारिश के बीच काफी मशक्कत करनी पड़ी।