रामपुर रायघटी क्षेत्र में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित भूमि विवाद को सुलझाने के लिए बुधवार को दोनों राज्यों की राजस्व टीमें सीमा पर संयुक्त पैमाइश करेंगी। नजीबाबाद वन प्रभाग के अधिकारी भी इस दौरान मौके पर मौजूद रहेंगे।
उपजिलाधिकारी सौरभ असवाल ने इसके लिए नजीबाबाद के उपजिलाधिकारी को पत्र भेजा है। उच्च न्यायालय के आदेश पर उपजिलाधिकारी ने कार्रवाई के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में छह सदस्यों की राजस्व टीम का पहले ही गठन कर दिया था।
लक्सर तहसील के रामपुर रायघटी के पूर्व ग्राम प्रधान ब्रहमपाल सिंह की ओर से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। याचिका में उन्होंने गंगा क्षेत्र में उत्तराखंड और यूपी की सीमा पर स्थित जमीनों पर यूपी के नजीबाबाद वन प्रभाग के अधिकारियों को खेती नहीं करने देने और नदी की धारा बदलने से विवाद की स्थिति पैदा होने की बात कही गई थी।
मामले में हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को छह सप्ताह में पिलर संख्या 232 से 236 तक संयुक्त सर्वे कराने, किसानों को खेती के दौरान सुरक्षा और पैमाइश कर प्रकरण के निस्तारण के आदेश दिए गए हैं। उच्च न्यायालय के आदेश पर उपजिलाधिकारी सौरभ असवाल ने तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व निरीक्षक रमेशचंद, राजस्व उपनिरीक्षक तिलकमोहन, जुबैर, उम्मेद सिंह और रोबिन की टीम का गठन किया है। श्
बुधवार को राजस्व टीम नजीबाबाद के राजस्व अधिकारियों और नजीबाबाद वन प्रभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि की संयुक्त पैमाइश करेगी। उपजिलाधिकारी ने इसके लिए नजीबाबाद के एसडीएम और वन विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजा है।
नजीबाबाद और लक्सर तहसील प्रशासन की टीमें भूमि की संयुक्त पैमाइश करेंगी। नजीबाबाद वन प्रभाग से संबंधित होने के कारण विभाग के अधिकारियों को भी संयुक्त पैमाइश के दौरान मौजूद रहने के लिए पत्र भेजा गया है। - सौरभ असवाल, उपजिलाधिकारी, लक्सर