शहर में ‘संग गंगा के तीन भगीरथ’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा, राष्ट्र सर्वोपरि, विश्व बंधुत्व, समरसता और विश्व शांति के संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया गया।
महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश ने कहा कि समाज को जीवंत बनाए रखने के लिए कला, साहित्य और नाटक का संवर्धन आवश्यक है। राज्यसभा सांसद डॉ. कल्पना सैनी ने इसे प्रेरणादायक प्रस्तुति बताया। आईआईटी रुड़की के उप निदेशक प्रो. यूपी सिंह ने नाटक विधा को व्यक्तित्व निखारने वाला माध्यम बताया। कलाविद रोशन लाल अग्रवाल ने कहा कि नाटक दर्शकों के मन पर स्थायी प्रभाव छोड़ता है। अशोक शर्मा आर्य ने बताया कि नागपुर के 30 कलाकार देशभर के 100 स्थानों पर इस नाटक का मंचन कर रहे हैं जिनमें अब तक 65 स्थानों पर मंचन किया जा चुका है।
नाटक में संघ के प्रथम सरसंघचालक डॉ. हेडगेवार, द्वितीय सरसंघचालक गुरुजी और तृतीय सरसंघचालक बालासाहेब देवरस के जीवन व कार्यों को दर्शाया गया। यह आयोजन संस्कार भारती रुड़की चैप्टर की ओर से किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने कलाकारों का सम्मान किया। इस दौरान राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा, रोशन लाल अग्रवाल, प्रो़ प्रवीण ऐरन, गौरी शंकर शेट्टी, विशाल आदि मौजूद रहे।