रुड़की। सिर से बाबुल का साया उठने के बाद प्रदेश की होनहार आफरीन को जज बनाने का सपना पूरा करने के लिए मंगलौर की एक संस्था मदद कर रही है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद संस्था के लोगों ने यह कदम उठाया है। संस्था से जुड़े कारी नसीम मंगलौरी ने बताया कि शनिवार को संस्था के लोग आफरीन और उसके परिजनों से मुलाकात करेंगे। साथ ही उसकी फीस, किताबों का खर्च और अन्य जरूरतों के बारे में जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि आफरीन होनहार है और उसके सपनों को पूरा करने के लिए पूरा खर्च दिया जाएगा।
गौरतलब है कि मंगलौर की आफरीन ने इंटरमीडिएट में प्रदेश में 18वीं रैंक हासिल की थी। खास बात यह थी कि बेहद गरीब परिवार से नाता रखने वाली आफरीन के पिता रेहड़ी पर फल-सब्जी बेचकर उसकी पढ़ाई का खर्च उठा रहे थे, लेकिन विगत बुधवार को उसके पिता मोहम्मद गुलफाम की हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। आफरीन के परिवार में पिता ही एकमात्र घर का खर्च चलाते थे। उसका छोटा भाई भी पढ़ाई कर रहा है। आफरीन के प्रदेश में रैंक आने पर उसके पिता ने कहा था कि वह खुद को बेचकर भी अपनी बेटी को जज बनाएंगे, लेकिन उनके जीवित रहते यह सपना पूरा नहीं हो सका। अब आफरीन के सामने मुश्किलों का पहाड़ है। अमर उजाला ने बेटी के इस दर्द को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो मंगलौर के जागरूक लोगों द्वारा बनाई गई हेल्पिंग हैंड मिशन संस्था ने मदद को हाथ बढ़ाए। संस्था से जुड़े कारी नसीम मंगलौरी ने बताया कि शनिवार को संस्था के सदस्य आफरीन और उसके परिजनों से मिलेंगे और उसकी पढ़ाई में आने वाले खर्च और अन्य जरूरतों की जानकारी लेंगे। उन्होंने कहा कि आफरीन को हर प्रकार से मदद दी जाएगी ताकि वह अपने पिता का सपना पूरा कर सके।