रुड़की। कभी सरकारी संपत्तियों का रिकॉर्ड देने के मामले में तत्कालीन एसडीएम मोहम्मद नासिर के खिलाफ आंदोलन छेडने वाले लेखपाल अब यही डाटा प्रमुखता के साथ तैयार करने में जुटे हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर नए सॉफ्टवेयर में फिडिंग के लिए लेखपालों को सरकारी संपत्तियों का विवरण 18 जनवरी तक देना है, ताकि आवश्यकता पडने पर सरकारी जमीन तुरंत उपलब्ध कराई जा सके।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल की ओर से तैयार किए गए सॉफ्टवेयर में ग्राम पंचायतों की सरकारी जमीनों का रिकॉर्ड फीड कराने के लिए लेखपालों को निर्देश दिए गए थे। वैसे तो यह रिकॉर्ड लेखपालों को पहले ही देना था, लेकिन पटवारियों के अनुरोध पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने सोमवार तक रिकॉर्ड फीड करवाने के आदेश दिए थे। उनके आदेश पर लेखपाल इन दिनों सब कामधाम छोड़कर सरकारी जमीनों की सूची तैयार करने में जुटे हैं। सॉफ्टवेयर में जमीनों का विवरण आते ही भविष्य में बारातघर, अस्पताल, स्कूल आदि के निर्माण के लिए कंप्यूटर खोलते ही भूमि की आवश्यकता पूरी की जा सकेगी। जमीनों को तलाशने के लिए अधिकारियों को चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बताते चलें कि तत्कालीन एसडीएम मोहम्मद नासिर ने भी बीते साल तहसील क्षेत्र के लेखपालों से यह डाटा मांगा था, उन्होंने डाटा नहीं देने पर कई लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई कर दी थी। जिसको लेकर भारी विवाद होने से लेखपालों ने एसडीएम को हटाने के लिए उनके खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ दिया था।