टोपी वाली धर्मशाला में लावारिस मिले चार साल के मासूम सागर को स्थानीय पुलिस ने उसके नाना के सुपुर्द कर दिया। देर रात ही नाना अपने नातिन को लेकर लौट गए।
शनिवार को रामघाट के पास टोपी वाली धर्मशाला के कमरा संख्या 14 से एक मासूम के रोने की आवाज सुनाई दी थी। कमरा भीतर से बंद देख धर्मशाला प्रबंधन के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने ताला तोड़कर दरवाजा खोला तो कमरे में एक मासूम रोता बिलखता मिला।
दीवार पर खून से कुछ मोबाइल फोन नंबर लिखे हुए थे और चद्दर भी खून से सनी हुई थी। एक मोबाइल फोन नंबर पर संपर्क होने के बाद स्पष्ट हुआ था कि महिला अपने प्रेमी के साथ कई दिन पूर्व फरार हो गई थी और यह मासूम उसका बेटा है। शुक्रवार को धर्मशाला में ही युगल ठहरा था। युवक ने अपना नाम राकेश पुत्र विनय लोहार, निवासी कोहान, भिवानी, हरियाणा दर्ज कराया था। एसएसआई गिरीश चंद्र शर्मा ने बताया कि सोमवार देर रात मासूम सागर पुत्र विनीत का नाना खजान एवं फूफा निवासीगण जाट कालोनी कलानौर खुर्द रोहतक हरियाणा पहुंच गए थे, उनकी सुपुर्दगी में मासूम को दे दिया गया। महिला और उसके प्रेमी की हरियाणा पुलिस तलाश कर रही है।