रुड़की में लॉकडाउन के बीच नियम का पालन कर शादी की रस्म पूरी हुई।
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लॉकडाउन की बंदिशों के बीच रविवार को अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त में जिले में दो जोड़ों ने बिन बैंड-बाजा, बरात के मास्क लगाकर सात फेरे लिए। कार ले जाने की अनुमति नहीं मिली तो दूल्हों ने दोपहिया वाहन से ही दुल्हन की विदाई कराई। रुड़की और पथरी में आयोजित दोनों शादी समारोहों में लॉकडाउन के नियमों का पूरा पालन किया गया और दोनों पक्षों से सिर्फ चार-पांच लोग ही शामिल हुए।
कोरोना वायरस के चलते देशभर में तीन मई तक लॉकडाउन है। शादी के लिए सख्त नियमों का पालन करना पड़ रहा है। रुड़की स्थित अनाज मंडी निवासी मनीष की आदर्श नगर निवासी कोमल से 26 अप्रैल को शादी तय हुई थी। रविवार को लॉकडाउन का पालन करते हुए मनीष और कोमल के परिजनों ने शादी की रस्म पूरी करने के लिए प्रशासन से अनुमति ली। इसके बाद रविवार सुबह मनीष सेहरा बांधकर परिजनों के स्कूटी से दुल्हन के घर पहुंचे। यहां दुल्हन के परिवार वालों ने स्वागत किया। इसके बाद दूल्हा-दुल्हन के साथ परिजनों ने मास्क लगाकर शादी की रस्में निभाईं। दोपहर एक बजे मनीष अपनी दुल्हन कोमल को स्कूटी से घर ले गए।
दूसरी शादी पथरी क्षेत्र में हुई, जिसमें दूल्हा दुल्हन तो थे, लेकिन बैंड बाजा और बरात नहीं। बेहद सादगी के साथ शादी हुई और मास्क पहनकर फेरे लिए गए। इसके बाद दुल्हन को लेकर दूल्हा बाइक से घर रवाना हो गया। सीतापुर निवासी गौरव सैनी का विवाह रानी माजरा गांव निवासी आदेश सैनी के साथ 26 अप्रैल को तय हुआ था। इसी बीच लॉकडाउन हो गया। काफी मंथन के बाद नियत समय पर ही शादी करने का विचार बनाया गया। रविवार को गौरव अपने पिता विजयपाल सैनी और दो अन्य लोगों के साथ रानी माजरा पहुंचे। पारंपरिक रस्मों के बाद पंडित पंकज शर्मा ने फेरे करवाए। फेरों पर बैठने से पहले दोनों के हाथ सैनिटाइज करवाए गए। इसके बाद शादी की रस्में हुईं और दूल्हा बाइक से दुल्हन को लेकर घर रवाना हुआ। दूल्हे के घर भी लॉकडाउन की बंदिशों के बीच दुल्हन का स्वागत हुआ।